जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बीच पीएम मोदी का बयान: ‘छात्रों के साथ है सरकार, NEET पेपर लीक के दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई’
इस मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए थी, 23 दिन से प्रदर्शन और फिर लाठीचार्ज; प्रधानमंत्री ने पहले पहल की होती तो परिणाम भिन्न होते!
छात्रों-किसानों की मांगें सरकार ने अनदेखी की, अब कह रहे सब ठीक कर देंगे पर सोमवार को जो हुआ उसपर जवाबदेही तय होगी!
Punjab Hotmail, नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर कथित NEET-UG 2026 पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन जारी रहने के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को एनडीए संसदीय दल की ‘मंगल मिलन’ बैठक में स्पष्ट संदेश दिया कि केंद्र सरकार छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है।

उन्होंने कहा कि नीट जैसी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक होना राष्ट्रीय चिंता का विषय है और इसमें शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने इस गंभीर मुद्दे का राजनीतिकरण न करने की भी अपील की।

संसद के मानसून सत्र के दौरान संसद पुस्तकालय भवन के जी.एम.सी. बालयोगी ऑडिटोरियम में आयोजित बैठक में प्रधानमंत्री मोदी, एनडीए के सभी प्रमुख दलों के सांसद और वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
बैठक में संसद की रणनीति, सरकार के विधायी एजेंडे, विभिन्न राजनीतिक मुद्दों और सहयोगी दलों के बीच बेहतर समन्वय पर चर्चा हुई।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के अनुसार, प्रधानमंत्री ने विभिन्न देशों के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) का भी उल्लेख किया और भरोसा दिलाया कि किसी भी व्यापार समझौते में किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि किसानों का कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।इस बीच, नीट-यूजी 2026 पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन तेज है। सोमवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं।
वहीं संसद की ओर निकाले गए मार्च के दौरान हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आईं।दिल्ली पुलिस ने संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा के मामले में संसद मार्ग, बाराखंभा और कनॉट प्लेस थानों में कुल 5 एफआईआर दर्ज की हैं।
मामलों में दंगा, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सरकारी कर्मचारियों पर हमले जैसी धाराएं शामिल हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया सामग्री के आधार पर हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर रही है।
