काहनपुर के सरपंच पर FIR: महिला ने नशीली कोल्ड ड्रिंक पिलाकर दुष्कर्म और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के लगाए आरोप
SP की जांच और जिला अटॉर्नी की कानूनी राय के बाद मकसूदां थाने में BNS की धारा 64 के तहत केस दर्ज; SSP ने दिए जांच के आदेश
जालंधर ग्रामीण। काहनपुर गांव के मौजूदा सरपंच कमलजीत सिंह के खिलाफ एक महिला की शिकायत पर थाना मकसूदां में FIR दर्ज की गई है। महिला ने आरोप लगाया था कि जून 2024 में वह दूध लेने आरोपी की डेयरी पर गई थी, जहां उसे नशीली कोल्ड ड्रिंक पिलाकर बेहोश किया गया और उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाए गए।

महिला का आरोप है कि आरोपी ने कथित घटना की वीडियो भी बनाई और उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने तथा उसके बच्चों को नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर करीब दो साल तक ब्लैकमेल किया।
शिकायत के अनुसार, अप्रैल 2026 में आरोपी की फोन कॉल्स उसके पति ने देखीं, जिसके बाद महिला ने परिवार को पूरी घटना बताई। 24 जून 2026 को परिवार ने आरोपी से कथित वीडियो डिलीट करने को कहा, लेकिन महिला के अनुसार उसने इनकार करते हुए परिवार को धमकाया और निहंग सिंहों को बुलाकर दबाव बनाने का आरोप भी है।
SP PBI की जांच में आरोप गंभीर, आरोपी ने किया इनकारशिकायत पर SSP जालंधर ग्रामीण ने SP (PBI) को जांच सौंपी। जांच में महिला के बयान दर्ज किए गए। आरोपी कमलजीत सिंह ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए दावा किया कि उसके खिलाफ राजनीतिक दबाव में झूठी शिकायत की गई है।
उसने महिला के किसी अन्य व्यक्ति से संपर्क का भी जिक्र किया, जबकि जांच अधिकारी के अनुसार आरोपी अपने बचाव के समर्थन में ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर सका।
District Attorney ने दी FIR दर्ज करने की रायDistrict Attorney (Legal), Jalandhar ने शिकायत और SP PBI की जांच रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद राय दी कि आरोप संज्ञेय अपराध का खुलासा करते हैं।
राय में सुप्रीम कोर्ट के Lalita Kumari v. Government of UP (2014) के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए FIR दर्ज करने की सिफारिश की गई। कानूनी राय में prima facie BNS की धारा 64 के तहत अपराध बनना बताया गया।
इसके बाद SSP जालंधर ग्रामीण ने SHO थाना मकसूदां को केस दर्ज कर जांच के आदेश दिए। पुलिस ने धारा 64 BNS के तहत मामला दर्ज कर जांच ASI राजिंदर सिंह को सौंप दी है।
FIR/मामला 19 अगस्त 2026 शाम करीब 5:30 बजे दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई है।नोट: महिला और आरोपी द्वारा लगाए गए आरोपों की अंतिम सत्यता जांच और न्यायिक प्रक्रिया में तय होगी।
