BREAKING: पंजाब सरकार से जुड़े कथित भ्रष्टाचार की जांच CBI के हवाले, हाईकोर्ट का बड़ा आदेश!
CM के OSD सहित कई बड़े लोगों पर ED के आरोपों के CBI से 2 महीने में तलब की रिपोर्ट, सरकार और व्यापारियों ने आरोपों को बताया बेबुनियाद!
Punjab Hotmail Bureau, चंडीगढ़/जालंधर/नई दिल्ली। पंजाब सरकार से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश देते हुए जांच CBI को सौंप दी है।
कोर्ट ने CBI को 2 महीने के भीतर जांच रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। मामला उस समय हाईकोर्ट पहुंचा था, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पंजाब के DGP गौरव यादव को पत्र भेजकर कथित भ्रष्टाचार के आरोपों में FIR दर्ज करने की मांग की थी, लेकिन पंजाब पुलिस की ओर से FIR दर्ज नहीं की गई।

ED ने DGP को क्यों लिखी थी चिट्ठी?
ED के मुताबिक उसकी जांच में ट्रांसफर-पोस्टिंग, सरकारी टेंडर, नीतिगत फैसलों, जमीन के इस्तेमाल में बदलाव (CLU) और अन्य सरकारी कामों को प्रभावित करने से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए।
एजेंसी ने जुलाई और अगस्त 2026 में DGP को कई पत्र भेजकर मामले में FIR दर्ज करने की मांग की थी।
किन लोगों के नाम जांच में सामने आए?
ED की कार्रवाई में नितिन गोहल, रियल एस्टेट कारोबारी अजय सहगल, सुरेश कुमार बजाज समेत अन्य लोगों के नाम सामने आने की बात कही गई है। जांच में मुख्यमंत्री के OSD राजबीर सिंह घुम्मण से जुड़े संपर्कों का भी उल्लेख किया गया है।
ED का आरोप है कि कुछ लोग सरकारी अधिकारियों की पोस्टिंग-ट्रांसफर और प्रशासनिक फैसलों को प्रभावित करने के लिए कथित बिचौलियों की भूमिका निभा रहे थे।
ट्रांसफर-पोस्टिंग से लेकर सरकारी टेंडर तक आरोप
ED के अनुसार जांच में मिले कथित WhatsApp चैट और अन्य सामग्री में अधिकारियों की पोस्टिंग, तबादलों और सरकारी पदों पर नियुक्तियों से जुड़ी बातचीत का उल्लेख है।
मार्कफेड टेंडर, लाइसेंस, सरकारी मंजूरियों और अन्य प्रशासनिक फैसलों को प्रभावित करने के आरोप भी जांच का हिस्सा हैं। ED ने भ्रष्टाचार निवारण कानून के साथ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़ी धाराओं के तहत अपराध बनने की बात कही है।
तलाशी में करीब 1 करोड़ रुपये नकद मिलने का दावा
ED ने मई 2026 में नितिन गोहल, अजय सहगल और अन्य से जुड़े ठिकानों पर तलाशी ली थी। एजेंसी के अनुसार इस दौरान दस्तावेज और डिजिटल सामग्री बरामद हुई।
ED ने करीब 1 करोड़ रुपये नकद बरामद होने का भी दावा किया है। मोबाइल फोन से मिले WhatsApp चैट और कॉल रिकॉर्ड को भी जांच का हिस्सा बनाया गया।
348 करोड़ के Sunteck City प्रोजेक्ट से जुड़ा एंगल
मामला एक बड़े Change of Land Use (CLU) और मनी लॉन्ड्रिंग जांच से भी जुड़ा बताया गया है। ED की कार्रवाई करीब 348 करोड़ रुपये के Sunteck City प्रोजेक्ट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के दौरान आगे बढ़ी।
एजेंसी का आरोप है कि कुछ सरकारी अधिकारियों के जरिए रियल एस्टेट संस्थाओं को जमीन के इस्तेमाल में बदलाव और अन्य सरकारी मंजूरियां दिलाने की कोशिश की गई।
FIR नहीं हुई तो हाईकोर्ट पहुंची ED
ED के पत्र मिलने के बाद पंजाब पुलिस ने सीधे FIR दर्ज करने के बजाय मामले में Bureau of Investigation से कानूनी राय मांगी। इसके बाद ED ने दोबारा पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की।
सितंबर 2026 में ED ने हाईकोर्ट को बताया कि पंजाब पुलिस को कई संचार भेजे जा चुके हैं, लेकिन FIR दर्ज नहीं हुई।
हाईकोर्ट ने आरोपों को बताया गंभीर
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अगस्त 2026 में पंजाब सरकार से जवाब मांगा था। कोर्ट ने कहा था कि लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और राज्य से सावधानीपूर्वक जवाब अपेक्षित है।
कोर्ट ने ED को DGP को भेजे गए पत्र भी रिकॉर्ड पर रखने को कहा था। सितंबर में मामले पर फैसला सुरक्षित रखा गया था। अब हाईकोर्ट ने जांच CBI को सौंपते हुए 2 महीने में रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।
सरकार और आरोपियों ने आरोपों से किया इनकार
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ED के आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें बेबुनियाद बताया है। वहीं, नितिन गोहल ने भी ED के आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि चैट तथा बातचीत को गलत संदर्भ में पेश किया गया।
नोट: भ्रष्टाचार और अन्य आरोप फिलहाल जांच का विषय हैं। ED की ओर से लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत या जांच के निष्कर्ष के बाद ही होगी।
