पीएम मोदी का तीखा हमला: “विपक्ष ने नारी शक्ति का अपमान किया, देश की महिलाएं माफ नहीं करेंगी”
‘SP, TMC-DMK ने भी जनता को धोखा दिया’; कांग्रेस ने विभाजन का षड्यंत्र रचा
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पंजाब हॉटमेल, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राष्ट्र को संबोधित करते हुए विपक्षी दलों पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने नारी शक्ति वंदन विधेयक 2026 के लोकसभा में पारित न हो पाने को लेकर कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों को जिम्मेदार ठहराया।

प्रधानमंत्री ने खास तौर पर कांग्रेस, द्रविड़ मुनेत्र कझगम (DMK), तृणमूल कांग्रेस (TMC) और समाजवादी पार्टी (SP) का नाम लेकर उन्हें घेरा और आरोप लगाया कि इन दलों ने महिला सशक्तिकरण के ऐतिहासिक अवसर को स्वार्थ की राजनीति में गंवा दिया।
“बांटो और राज करो” की राजनीति कर रही कांग्रेस
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल परिसीमन के मुद्दे पर लगातार भ्रम फैला रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ये दल देश में विभाजन की भावना को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।
पीएम मोदी ने कहा, “कांग्रेस अंग्रेजों की ‘बांटो और राज करो’ नीति की विरासत लेकर चल रही है। परिसीमन को लेकर यह झूठ फैलाया गया कि कुछ राज्यों को नुकसान होगा, जबकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि न किसी राज्य का प्रतिनिधित्व कम होगा और न ही भागीदारी का अनुपात बदलेगा।
सभी राज्यों की सीटें समान अनुपात में बढ़ेंगी।”उन्होंने कहा कि इसके बावजूद कांग्रेस, DMK, TMC और SP जैसे दल संशोधन विधेयक का समर्थन करने को तैयार नहीं हुए।
“तमिलनाडु, बंगाल, यूपी को भी मिला होता लाभ”
प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि यह विधेयक पारित होता तो तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों की लोकसभा सीटों में वृद्धि होती।
उन्होंने कहा कि DMK के पास अवसर था कि वह तमिलनाडु की आवाज संसद में और मजबूत करे, लेकिन उसने राजनीतिक स्वार्थ में यह मौका गंवा दिया।
इसी तरह TMC को भी पश्चिम बंगाल के लिए अधिक प्रतिनिधित्व का अवसर मिल सकता था, परंतु उसने भी इसे ठुकरा दिया।
समाजवादी पार्टी पर भी निशाना
प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश की राजनीति का जिक्र करते हुए समाजवादी पार्टी को भी कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा, “सपा के पास मौका था कि वह महिला विरोधी छवि को बदल सके, लेकिन उसने भी यह अवसर गंवा दिया।
लोहिया जी के सपनों की बात करने वाली पार्टी ने नारी शक्ति विधेयक का विरोध कर उनके आदर्शों को ठेस पहुंचाई है। यूपी और देश की महिलाएं इसे कभी नहीं भूलेंगी।”
“नारी अपमान कभी नहीं भूलती”
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि संसद में जो व्यवहार हुआ, वह केवल राजनीतिक विरोध नहीं था, बल्कि देश की आधी आबादी के आत्मसम्मान पर चोट थी।
उन्होंने कहा, “नारी सब कुछ भूल सकती है, लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलती। संसद के भीतर जो हुआ, वह मेज थपथपाने की राजनीति नहीं थी, बल्कि नारी शक्ति के सम्मान को कुचलने की कोशिश थी।”
“पाप की सजा जरूर मिलेगी”
पीएम मोदी ने विपक्षी दलों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता, विशेषकर देश की महिलाएं, इस व्यवहार को याद रखेंगी। उन्होंने कहा, “जब ये नेता अपने क्षेत्रों में जाएंगे तो महिलाएं इन्हें माफ नहीं करेंगी।
यह पाप है और इसकी सजा उन्हें जरूर मिलेगी। ”प्रधानमंत्री का यह बयान आगामी राजनीतिक माहौल में महिला मतदाताओं को लेकर बड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
निष्कर्ष-: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह संबोधन साफ संकेत देता है कि महिला आरक्षण और नारी सशक्तिकरण का मुद्दा आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति का केंद्रीय विषय बनने वाला है। विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच इस मुद्दे पर टकराव और तेज होने के आसार हैं।
