जालंधर में JDA का बुलडोजर एक्शन: 5 अवैध कॉलोनियां ध्वस्त, नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई; प्लॉट खरीदने वालों को बड़ी चेतावनी
वडाला, निज्जरां और बड़ा गांव में अवैध कॉलोनियों पर चला पीला पंजा, PAPRA एक्ट के तहत कार्रवाई
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Punjab Hotmail, जालंधर: पंजाब सरकार के निर्देशों के तहत जालंधर विकास प्राधिकरण (JDA) ने अवैध कॉलोनियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जिले में विकसित की जा रही 5 अनधिकृत कॉलोनियों पर बुलडोजर चला दिया।

यह कार्रवाई JDA के मुख्य प्रशासक नितेश कुमार जैन (IAS) और अतिरिक्त मुख्य प्रशासक तेजदीप सिंह सैणी (PCS) के निर्देशों पर जिला नगर योजनाकार (रेगुलेटरी) विंग द्वारा पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में की गई।
इन इलाकों में ध्वस्त की गईं अवैध कॉलोनियां
JDA की टीम ने नगर निगम सीमा से बाहर स्थित क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए—गांव वडाला में 2 अवैध रिहायशी कॉलोनियां,गांव निज्जरां में 1 अवैध कमर्शियल कॉलोनी,गांव बड़ा में 2 अवैध कॉलोनियां (रिहायशी और कमर्शियल)को ध्वस्त कर दिया।

कार्रवाई के दौरान निर्माणाधीन सड़कों, प्लॉटों की मार्किंग और अन्य अवैध निर्माणों को भी हटाया गया।
नोटिस के बावजूद जारी रखा गया निर्माण
जिला नगर योजनाकार (रेगुलेटरी) ने बताया कि संबंधित कॉलोनी मालिकों को PAPRA एक्ट-1995 के तहत पहले ही नोटिस जारी कर निर्माण कार्य रोकने के निर्देश दिए गए थे।

लेकिन नियमों की अनदेखी करते हुए निर्माण कार्य लगातार जारी रखा गया और विभाग को कोई संतोषजनक जवाब भी नहीं दिया गया। इसके बाद उच्च अधिकारियों के आदेश पर डिमोलिशन की कार्रवाई की गई।
5 से 10 साल की जेल और 5 करोड़ तक जुर्माने का प्रावधान
JDA ने स्पष्ट किया कि PAPRA एक्ट-1995 (संशोधन 2024) के तहत अवैध कॉलोनी विकसित करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। दोषी पाए जाने पर—5 से 10 वर्ष तक की कैद25 लाख से 5 करोड़ रुपये तक का जुर्मानालगाया जा सकता है।
प्लॉट खरीदने से पहले जरूर करें यह जांच
JDA ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी कॉलोनी में प्लॉट, दुकान या अन्य संपत्ति खरीदने से पहले यह सुनिश्चित करें कि संबंधित कॉलोनी को PUDA/JDA की मंजूरी प्राप्त है।
केवल विज्ञापन या ब्रोकर के भरोसे संपत्ति न खरीदें, बल्कि विभाग से स्वीकृति की पुष्टि अवश्य करें।
अधिकारियों ने कहा कि बिना मंजूरी वाली कॉलोनियों में निवेश करने से लोगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
इसलिए किसी भी प्रकार की खरीद-फरोख्त या निर्माण से पहले संबंधित विभाग से आवश्यक अनुमति और दस्तावेजों की जांच करना बेहद जरूरी है।
अवैध कॉलोनियों पर आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
JDA ने साफ किया है कि शहर और आसपास के क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति या बिल्डर को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
