जालंधर नॉर्थ में चुनावी बिसात बिछी: AAP के वनीत धीर की बढ़ी सक्रियता, कांग्रेस के बाबा हेनरी और BJP के भंडारी के बीच मुकाबले के संकेत!
2027 की तैयारी में तीनों दलों ने कसी कमर; विकास कार्य, सीवरेज, जलभराव, सड़क, बिजली और रेलवे फाटकों के मुद्दे बन सकते हैं चुनावी हथियार
मनमोहन सिंह, पंजाब हॉटमेल (जालंधर)। विधानसभा चुनाव 2027 में अभी समय है, लेकिन जालंधर नॉर्थ विधानसभा हलके में सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। आम आदमी पार्टी ने जालंधर के मेयर वनीत धीर को हलका इंचार्ज बनाकर मैदान में उतारा है।

धीर की बढ़ती सक्रियता से जहां AAP पुराने लंबित प्रोजेक्टों और बुनियादी सुविधाओं के मुद्दों को लेकर अपनी जमीन मजबूत करने में जुटी है, वहीं कांग्रेस और भाजपा भी अपने-अपने मजबूत चेहरों के साथ हलके में सक्रिय दिखाई दे रही हैं।
कांग्रेस के लिए मौजूदा विधायक अवतार सिंह जूनियर उर्फ बाबा हेनरी सबसे मजबूत चेहरा हैं। बाबा हेनरी 2017 और 2022 में लगातार दो बार जालंधर नॉर्थ से चुनाव जीत चुके हैं। इससे पहले उनके पिता अवतार हेनरी भी 1992, 1997 और 2002 में इस सीट से विधायक रह चुके हैं और पंजाब सरकार में मंत्री का पद संभाल चुके हैं। ऐसे में कांग्रेस इस सीट पर अपने पारंपरिक और पारिवारिक जनाधार को बड़ी ताकत मान रही है।
भाजपा की ओर से पूर्व विधायक के.डी. भंडारी प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। भंडारी नॉर्थ से दो बार विधायक रह चुके हैं। उनके अलावा सन्नी शर्मा, सुशील शर्मा, राकेश राठौर और मिंटा कोछड़ के नाम भी टिकट की दौड़ में बताए जा रहे हैं।
अकाली दल की तरफ से फिलहाल कोई ऐसा प्रमुख चेहरा सामने नहीं आया है, जिसे टिकट का मजबूत दावेदार माना जा सके।

2022 में कांग्रेस और भाजपा के बीच था सीधा मुकाबला
2022 के विधानसभा चुनाव में जालंधर नॉर्थ में कुल 1,92,161 मतदाता थे। इनमें 1,00,895 पुरुष, 91,265 महिलाएं और एक थर्ड जेंडर मतदाता शामिल था। कुल 1,28,158 वोट पड़े और मतदान प्रतिशत 66.69 फीसदी रहा।
चुनावी नतीजों में कांग्रेस के अवतार सिंह जूनियर को 47,338 वोट, भाजपा के के.डी. भंडारी को 37,852 वोट और आम आदमी पार्टी के दिनेश ढल्ल को 32,685 वोट मिले थे। कांग्रेस ने भाजपा को 9,486 वोटों के अंतर से हराया था, जबकि AAP तीसरे स्थान पर रही थी।
हालांकि 2027 के चुनाव में समीकरण बदले हुए नजर आ रहे हैं। AAP की ओर से वनीत धीर की सक्रियता और स्थानीय मुद्दों पर फोकस के कारण इस बार मुकाबला त्रिकोणीय होने की संभावना जताई जा रही है।
वनीत धीर ने विकास कार्यों को बनाया चुनावी एजेंडा
मेयर और AAP हलका इंचार्ज वनीत धीर का कहना है कि नॉर्थ हलके में वर्षों से लंबित समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने दमोरिया पुल के नीचे करीब 50 साल से चली आ रही जलभराव की समस्या के समाधान का दावा किया है।
गोपाल नगर और आसपास के पुराने मोहल्लों में सीवरेज की समस्या का जिक्र करते हुए धीर ने कहा कि छोटी क्षमता वाली पुरानी सीवरेज व्यवस्था के कारण कई घरों में पानी वापस आने की शिकायत रहती थी। उनके अनुसार इस समस्या को दूर किया गया है।
धीर ने बर्ल्टन पार्क-स्पोर्ट्स हब को भी AAP सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में गिनाया। उनके मुताबिक प्रोजेक्ट लगभग तैयार है और दिसंबर में इसे जनता को समर्पित करने की योजना है। उनका कहना है कि यह प्रोजेक्ट वर्ष 2007 से लंबित था, जिसे अब पूरा किया जा रहा है।
भंडारी ने सड़क, सीवरेज और बिजली को लेकर सरकार को घेरा
भाजपा के पूर्व विधायक के.डी. भंडारी ने सरकार और स्थानीय विधायक पर विकास कार्यों की अनदेखी करने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने चंदन नगर अंडरब्रिज में बारिश के दौरान जलभराव का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इससे लोगों को काफी परेशानी होती है।
भंडारी ने फोकल प्वाइंट, गदईपुर और दादा कॉलोनी की खराब सड़कों को लेकर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार औद्योगिक क्षेत्रों में भारी वाहनों की आवाजाही के कारण सड़कें जल्द टूट जाती हैं।
इन इलाकों से सरकार को करोड़ों रुपये का राजस्व मिलता है, लेकिन उद्यमियों को खराब सड़कों की समस्या से जूझना पड़ रहा है।उन्होंने सईपुर, संतोखपुरा, लम्मा पिंड, गांधी कैंप और राम नगर में सीवरेज और गंदे पानी की समस्या का भी मुद्दा उठाया।
भंडारी के अनुसार कई इलाकों में गंदा पानी मोहल्लों में आने से लोगों को परेशानी होती है। इसके अलावा छोटे ट्रांसफार्मर, बार-बार बिजली कट और ट्रांसफार्मर फुंकने जैसी समस्याओं को लेकर भी उन्होंने सरकार पर निशाना साधा।
रेलवे फाटक सबसे बड़ा स्थानीय मुद्दा बनने के आसार
जालंधर नॉर्थ में टांडा रोड, अड्डा होशियारपुर और राम नगर रेलवे फाटक लंबे समय से लोगों की परेशानी का कारण बने हुए हैं। अमृतसर-जालंधर रेल मार्ग पर ट्रेनों की अधिक आवाजाही के कारण फाटक बार-बार बंद होते हैं, जिससे रोजाना हजारों लोगों को जाम का सामना करना पड़ता है।
भाजपा के.डी. भंडारी ने इन स्थानों पर अंडरपास या ओवरब्रिज जैसी स्थायी व्यवस्था की जरूरत बताई है। वहीं अब कांग्रेस विधायक बाबा हेनरी ने भी टांडा रोड रेलवे फाटक के मुद्दे को लेकर पंजाब सरकार पर हमला बोला है।
टांडा रोड फाटक पर 26 लाख का इंतजार: बाबा हेनरी ने सरकार को घेरा
जालंधर। जालंधर नॉर्थ के विधायक बाबा हेनरी ने टांडा रोड रेलवे फाटक के मुद्दे पर पंजाब सरकार को घेरते हुए कहा है कि सरकार ने हलके की इस गंभीर समस्या को लेकर सिर्फ आश्वासन दिए हैं।
बाबा हेनरी के अनुसार टांडा रोड रेलवे फाटक से रोजाना करीब 125 ट्रेनें अमृतसर और अन्य जिलों की ओर आती-जाती हैं। ट्रेनों की आवाजाही के कारण फाटक ज्यादातर समय बंद रहता है।
इससे देवी तालाब मंदिर, केएमवी कॉलेज-स्कूल और एपीजे स्कूल आने-जाने वाले हजारों श्रद्धालुओं, विद्यार्थियों और आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है।उन्होंने कहा कि फाटक पर अंडरब्रिज बनाने की दिशा में सर्वे करवाने के लिए पंजाब सरकार ने बजट में 26 लाख रुपये का प्रावधान किया था।
विधानसभा में संबंधित मंत्री की ओर से एक महीने में राशि जारी करने का भरोसा भी दिया गया था। बाबा हेनरी का आरोप है कि मार्च के बाद अब अगस्त खत्म होने को है, लेकिन सर्वे के लिए निर्धारित राशि अभी तक जारी नहीं की गई।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब सर्वे के पैसे ही जारी नहीं किए गए तो अंडरब्रिज का काम आगे कैसे बढ़ेगा। विधायक ने आरोप लगाया कि AAP सरकार ने जालंधर नॉर्थ को विकास के मामले में नजरअंदाज किया है।
उनका कहना है कि हलके में हुए कई छोटे विकास कार्य भी उन्होंने अपने स्तर पर करवाए हैं।
2027 में किसके पक्ष में जाएगा नॉर्थ का वोट?
2022 में जहां कांग्रेस और भाजपा के बीच मुख्य मुकाबला था और AAP तीसरे स्थान पर रही थी, वहीं 2027 में तस्वीर बदलने के संकेत मिल रहे हैं। AAP के वनीत धीर की सक्रियता, कांग्रेस के बाबा हेनरी का मौजूदा विधायक और पारिवारिक जनाधार तथा भाजपा के के.डी. भंडारी का राजनीतिक अनुभव मुकाबले को दिलचस्प बना रहे हैं।
करीब 1.92 लाख मतदाताओं वाली इस सीट पर यदि तीनों दल मजबूत उम्मीदवारों के साथ मैदान में उतरते हैं तो त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है।
ऐसे में चुनावी नतीजों का फैसला केवल पार्टी लहर से नहीं, बल्कि सीवरेज, जलभराव, सड़क, बिजली, रेलवे फाटक, औद्योगिक क्षेत्रों और लंबित विकास परियोजनाओं जैसे स्थानीय मुद्दों से भी प्रभावित हो सकता है।
फिलहाल नॉर्थ की चुनावी बिसात पर तीनों प्रमुख दल अपनी-अपनी जमीन मजबूत करने में जुटे हैं। आने वाले महीनों में नेताओं की सक्रियता और बढ़ने के साथ यह देखना अहम होगा कि 2022 में कांग्रेस के कब्जे वाली इस सीट पर 2027 में AAP सेंध लगा पाती है या भाजपा वापसी करती है।
