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Politics: सुखबीर बादल अस्पताल से डिस्चार्ज: बोले- “मैं डरने वाला नहीं”, जांच में खुलासा- हमलावर छाती में कृपाण घोंपकर हत्या करना चाहता था!

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Punjab Hotmail Politics, लुधियाना/नांदेड़। महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित गुरुद्वारा माता साहिब में हमले में घायल शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल को सर्जरी के बाद गुरुवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

हमले में उनके हाथ पर कृपाण से करीब 5 सेंटीमीटर गहरा कट लगा था, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें 8 से 9 टांके लगाए। अस्पताल से बाहर निकलने के बाद सुखबीर बादल ने कहा कि वह पंजाब में किसी भी कीमत पर अशांति नहीं फैलने देंगे।

उन्होंने कहा, “मुझ पर कितने भी हमले हो जाएं, मैं डरने वाला नहीं हूं। जिस पर गुरु का हाथ है, उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।” उन्होंने अपने पिता के मुख्यमंत्री रहते पंजाब में अमन-शांति बनाए रखने का भी जिक्र किया।

छाती पर वार कर हत्या की कोशिश का आरोप

सुखबीर बादल पर 13 अगस्त को हमला हुआ था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी निहंग जसपाल सिंह ने उनके सामने आते ही कृपाण निकाली और उनकी छाती की ओर वार किया। सुखबीर बादल ने बचाव में अपना हाथ आगे कर दिया, जिससे वार छाती पर न लगकर बाजू पर लगा और उन्हें गंभीर चोट आई।

आरोपी दोबारा वार करता, उससे पहले महाराष्ट्र पुलिस की स्पेशल प्रोटेक्शन यूनिट के इंस्पेक्टर संतोष वैजनाथ केंद्रे ने बीच में अपना हाथ डाल दिया। इस दौरान उन्हें भी चोट लगी और पुलिसकर्मियों ने हमलावर को काबू कर लिया।

पुलिस पूछताछ में अब तक सामने आया है कि आरोपी का कथित इरादा सुखबीर बादल की छाती पर कृपाण से वार कर उनकी हत्या करना था।

पुलिस पूछताछ में सामने आया हमले का कारण

नांदेड़ के एसपी निलाभ रोहन के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि वह पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर गुस्से में था, इसी वजह से उसने सुखबीर बादल पर हमला किया। पुलिस हमले के पीछे के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।

हरसिमरत कौर ने इंस्पेक्टर संतोष केंद्रे से की मुलाकात

हमले के दौरान सुखबीर बादल की जान बचाने वाले इंस्पेक्टर संतोष वैजनाथ केंद्रे से उनकी पत्नी और सांसद हरसिमरत कौर बादल ने अस्पताल में मुलाकात की।

हरसिमरत कौर ने पोस्ट कर इंस्पेक्टर के साहस की सराहना की और कहा कि उन्होंने सुखबीर बादल और हमलावर के बीच मानव ढाल बनकर अपनी जान जोखिम में डालते हुए उनकी रक्षा की। उन्होंने इसे वर्दी के कर्तव्य और साहस की मिसाल बताया।

मानहानि केस में व्यक्तिगत पेशी से छूट की मांग

उधर, एक मानहानि मामले में सुखबीर बादल ने चंडीगढ़ कोर्ट में व्यक्तिगत पेशी से छूट की मांग की है। उनके वकील की ओर से दायर आवेदन में कहा गया है कि नांदेड़ में हुए हमले में उनके हाथ पर चोट लगी है, जिसके चलते वह 14 अगस्त को कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होने में असमर्थ हैं।

आरोपी जसपाल सिंह के बारे में जांच में कई खुलासे

लॉ की पढ़ाई और कई काम: क्राइम ब्रांच की जांच के अनुसार, जसपाल सिंह ने कानून की पढ़ाई की थी। पुणे में रहने के दौरान उसने कुछ समय वकालत की, एक छोटा अखबार चलाया और कैंप इलाके में करीब तीन साल तक स्नैक्स की दुकान भी चलाई।

बाद में दुकान बंद हो गई। उसकी पत्नी पुणे कैंप इलाके के एक अंग्रेजी माध्यम स्कूल में शिक्षिका है और अपने भतीजे के साथ रहती है। आरोपी की शादीशुदा बेटी भी पुणे में रहती है।

परिवार से कम संपर्क

पूछताछ में आरोपी की पत्नी और अन्य परिजनों ने बताया कि जसपाल सिंह परिवार के संपर्क में बहुत कम रहता था और उनसे मुश्किल से ही बातचीत करता था।

घटना के बाद महाराष्ट्र ATS ने पुणे के कैंप क्षेत्र स्थित सोलापुर बाजार इलाके में उसके घर की तलाशी ली। देर रात तक चली तलाशी में पुलिस को कोई संदिग्ध दस्तावेज या साहित्य नहीं मिला।

2024 में नांदेड़ गुरुद्वारे पहुंचा था

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी ने अपनी जिंदगी का अधिकांश समय पुणे के कैंप इलाके में बिताया। वह 2024 में तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब, नांदेड़ में सेवा करने पहुंचा था।

गुरुद्वारा प्रबंधन से जुड़े बाबा जग्गा सिंह के अनुसार, जसपाल सिंह मानसिक रूप से ठीक नहीं था।फिलहाल पुलिस हमले के मकसद, आरोपी की गतिविधियों और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है।

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