Gymkhana Club Election: 2024 में चुनाव हारने पर कुकरेजा को अचीवर्स ने दी थी नई उपाधि, क्या फिर से धोखा तो नहीं दे जाएंगे?
जिस पद पर चुनाव लड़ने से पलटे थे और साथियों को वोट देने की अपील तक नहीं की थी, क्या अचीवर्स को जीत दिला पाएंगे!
प्रोग्रेसिव ग्रुप के बंद पत्तों ने बढ़ाई अचीवर्स की बेचैनी, पुराने चेहरों को बापस जोड़ा; नये चेहरे भी लेकर आएंगे: कोकी शर्मा
मनमोहन सिंह
पंजाब हॉटमेल, जालंधर। जालंधर के प्रसिद्ध Gymkhana Club के Election को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बार भी मुकाबला अचीवर्स और प्रोग्रेसिव ग्रुप के बीच होगा। अचीवर्स ग्रुप ने अपने पत्ते पहले ही खोल दिए थे जो वह पाला बदलते नजर आ रहे हैं।

प्रोग्रेसिव ग्रुप के किंग मेकर कहे जाने वाले कमल शर्मा “कोकी” ने कहा कि हम मजबूती के साथ चुनाव मैदान में उतरेंगे। प्रोग्रेसिव ग्रुप के पुराने साथी उनके साथ है और कुछ नए चेहरे जोड़ेंगे जो चुनाव लडेंगे।

बात करें अचीवर्स ग्रुप की तो 2024 में चुनाव के पहले और बाद में जो कुछ हुआ उसके बाद बहुत कुछ बदल गया है।
इस बार मानद सचिव का चुनाव लड़ रहे अमित कुकरेजा पर तब चुनाव लड़े तरुण सिक्का और सुमित शर्मा ने गंभीर आरोप लगाए थे। चुनाव के बाद अचीवर्स ग्रुप में एक ने कॉन्फ्रेंस की थी जिसमें तरुण सिक्का सहित सभी जुड़े हुए पदाधिकारी ने कहा था कि अमित कुकरेजा ने गद्दारी की है और वह अब से वह ग्रुप का हिस्सा नहीं रहेंगे।
2026 आते-आते जिन दो बड़े पदों पर चुनाव लड़ने वाले सिक्का और सुमित शर्मा ने और वक्त पर धोखा देने के आरोप लगाए थे वह इस बार टीम में नजर ही नहीं आ रहे। शायद उनका बनवास ही अमित कुकरेजा के राज की शुरुआत माना जा रहा है।
अब देखना है कि जो पदाधिकारी 2024 में अमित को करेजा के विरोध में खड़े थे क्या वह अभी ऐसा कर रहे हैं या कुछ गेम होगा।
अचीवर्स ग्रुप की जो लिस्ट सामने आई थी उसमें कुछ प्रोग्रेसिव ग्रुप के बड़े चेहरे शामिल किए गए थे लेकिन अब उनके घर वापसी की खबरें आ रही है।
क्या पिछली बार की तरह इस बार भी अचीवर्स के मेंबर जो अहम पदों पर चुनाव लड़ रहे हैं भरोसा कर पाएंगे कि कुकरेजा पिछली बार की तरह अपनी जीत के चक्कर में बाकी सब को पीछे न छोड़ दें?
इसका पता इस बात से भी लगा सकते हैं कि पिछली बार जीतने वोट अमित को करेजा को पड़े थे उतने किसी भी पद पर किसी नेता को नहीं मिले थे।
2024 के चुनाव की एक खास बात और थी कि प्रोग्रेसिव और अचीवर्स ग्रुप के लगभग सभी पदाधिकारी ने एक साथ नामांकन दाखिल किए थे लेकिन अमित को कुकरेजा ने अलग होकर नामांकन दाखिल किया था।
उन पर आरोप लगा था कि और मौके पर मानद सचिव के पद पर नामांकन दाखिल करने से इनकार कर दिया था और चुनाव प्रचार-पार्टियों में साथी सदस्य का नाम तक नहीं लिया था जिससे मुख्य पदों पर हर नसीब हुई थी।
अगर इस बार भी प्रोग्रेसिव ग्रुप एकजुट नजर आई तो फिर से अचीवर्स के लिए लड़ाई मुश्किल होने वाली है और मानद सचिव के पद के उम्मीदवार फिर से ‘एकला चलो रे’ की कहानी ना दोहरा दें।
इस बार तरुण सिक्का और सुमित शर्मा के नाम अचीवर्स की लिस्ट में नहीं है कुछ नए नाम जोड़े गए हैं और जो एडजेक्टिव मेंबर थे उन्हें बड़े पदों पर लड़ाने की तैयारी है। अब देखना है कि ऊंठ किस करवट बैठता है।
