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रक्षाबंधन पर पंजाब की महिलाओं को मान सरकार का तोहफा, नई रजिस्ट्रेशन वाली महिलाओं के खातों में पहुंचेगी ‘सम्मान राशि’

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‘मांवां-धियां सतिकार योजना’ के तहत 75 लाख से अधिक महिलाएं रजिस्टर्ड, अब तक ₹2,274.42 करोड़ की सहायता सीधे खातों में ट्रांसफर

पंजाब हॉटमेल, पटियाला। रक्षाबंधन के मौके पर पंजाब की माताओं और बहनों को भगवंत मान सरकार ने बड़ा तोहफा देने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘मांवां-धियां सतिकार योजना’ के तहत नई रजिस्ट्रेशन कराने वाली पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 28 अगस्त, रक्षाबंधन के दिन ‘सम्मान राशि’ जमा करवाई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के तहत अब तक 75 लाख से अधिक महिलाएं रजिस्टर्ड हो चुकी हैं। वहीं, 1 अगस्त 2026 तक पात्र लाभार्थियों के खातों में ₹2,274.42 करोड़ की वित्तीय सहायता सीधे ट्रांसफर की जा चुकी है।

महिलाओं की आर्थिक मजबूती जरूरी: मान

पटियाला में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं का सम्मान केवल शब्दों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की वित्तीय स्वायत्तता से परिवार की भलाई, लैंगिक समानता और सामाजिक एवं आर्थिक फैसलों में उनकी भागीदारी को मजबूती मिलती है।

मान ने बताया कि 18 वर्ष से अधिक आयु की सामान्य वर्ग की पात्र महिलाओं को ₹1,000 और अनुसूचित जाति वर्ग की पात्र महिलाओं को ₹1,500 प्रति माह की वित्तीय सहायता दी जा रही है। यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जा रही है।

सरकार ने इस योजना के लिए बजट में ₹9,300 करोड़ का प्रावधान किया है।उन्होंने रजिस्ट्रेशन से वंचित पात्र महिलाओं से योजना का लाभ लेने की अपील करते हुए कहा कि यह राशि भले ही किसी को अमीर न बनाए, लेकिन महिलाओं को आत्मसम्मान और आर्थिक सहारा जरूर देगी।

पंजाब में 509 नए खेल मैदान समर्पित

मुख्यमंत्री ने बताया कि पटियाला के गांव देदना में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पंजाब के विभिन्न हिस्सों में 509 नए खेल मैदान जनता को समर्पित किए गए। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को नशे से दूर रखने और पंजाब को खेलों में फिर से अग्रणी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि मुफ्त बिजली, नहरी पानी, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से सरकार पंजाब को ‘रंगला पंजाब’ बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

कांग्रेस पर मान का हमला—‘वे सत्ता के लिए लड़ रहे, हम पंजाब के लिए’

कांग्रेस में चल रही कथित अंदरूनी खींचतान पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस नेता सत्ता के लिए आपस में लड़ रहे हैं, जबकि आम आदमी पार्टी की सरकार पंजाब के लोगों के लिए काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, अच्छी सड़कें और जनकल्याणकारी योजनाएं हैं। मान ने दावा किया कि सरकार आपसी विवादों में उलझने के बजाय पंजाब के विकास पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

अकाली दल पर भी साधा निशाना

मुख्यमंत्री ने अकाली दल के पिछले शासनकाल को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में पंजाब की संपत्ति का दुरुपयोग हुआ और युवाओं में नशे की समस्या बढ़ी। मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी केवल पंजाब और पंजाबियों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है।

‘90% से ज्यादा घरों को मुफ्त बिजली’

मान ने दावा किया कि पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों के टैक्स के पैसे को विकास कार्यों, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों पर खर्च कर रही है।

हर परिवार को ₹10 लाख तक कैशलेस इलाज का दावा

मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ का जिक्र करते हुए कहा कि इसके तहत पंजाब के प्रत्येक परिवार को ₹10 लाख तक का मुफ्त कैशलेस इलाज उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि योजना के तहत अब तक ₹1,044 करोड़ से अधिक का मुफ्त इलाज कराया जा चुका है।

मान ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के हर परिवार को स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध करवाना है, ताकि किसी परिवार को इलाज के खर्च के कारण आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े।

सरकारी स्कूलों से NEET पास करने वाले छात्रों में बड़ा इजाफा

शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों के NEET पास करने वाले विद्यार्थियों की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है।

उन्होंने बताया कि 2021 में सरकारी स्कूलों के सिर्फ 80 विद्यार्थियों ने NEET पास किया था, जबकि 2026 में यह संख्या बढ़कर 882 हो गई। मुख्यमंत्री ने इस बदलाव का श्रेय शिक्षक प्रशिक्षण, स्कूल ऑफ एमिनेंस और सरकारी स्कूलों को मजबूत करने के लिए किए गए प्रयासों को दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा ही गरीबी और सामाजिक बुराइयों से बाहर निकलने का सबसे प्रभावी रास्ता है। सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और कल्याणकारी योजनाओं में निवेश जारी रखेगी, ताकि पंजाब के हर वर्ग को आगे बढ़ने के समान अवसर मिल सकें।

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