Breaking News: बड़ा सत्ता परिवर्तन! CM ने दिया इस्तीफा मंजूर, राज्यपाल ने मंजूर किया! अब इस नेता की ताजपोशी लगभग तय?
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Punjab Hotmail, नई दिल्ली/बंगलूरू। कर्नाटक की राजनीति में पिछले कई महीनों से चल रही चर्चाओं और अटकलों पर आखिरकार विराम लग गया है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का इस्तीफा राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने आधिकारिक रूप से स्वीकार कर लिया है।

इसके साथ ही राज्य में सत्ता परिवर्तन का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है और अब कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार के अगले मुख्यमंत्री बनने की संभावना बेहद मजबूत मानी जा रही है।
राज्यपाल द्वारा इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद कर्नाटक की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है। बंगलूरू से लेकर नई दिल्ली तक लगातार बैठकों और राजनीतिक रणनीतियों का दौर जारी है।
कांग्रेस आलाकमान भी अब नई सरकार के गठन को अंतिम रूप देने में जुट गया है।
इस्तीफे के बाद दिल्ली पहुंची कर्नाटक की राजनीति
सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद सिद्धारमैया जयपुर के रास्ते नई दिल्ली पहुंचे, जबकि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और संभावित मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार भी दिल्ली रवाना हो गए।
दोनों नेताओं का एक ही समय पर राजधानी पहुंचना राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि दिल्ली में दोनों नेताओं की कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठकें हो सकती हैं।
इन बैठकों को केवल औपचारिक मुलाकात नहीं बल्कि नई सरकार के गठन की दिशा तय करने वाला निर्णायक कदम माना जा रहा है।
नई सरकार के गठन की कवायद तेज
कर्नाटक में नई सरकार के गठन को लेकर कांग्रेस संगठन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। बंगलूरू में कांग्रेस विधायक दल की अहम बैठक की तैयारी चल रही है, वहीं दिल्ली में मंत्रिमंडल गठन और विभागों के बंटवारे पर रणनीति बनाई जा रही है।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि हाईकमान अब सत्ता परिवर्तन को लेकर अंतिम सहमति बना चुका है। इसी कारण डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावनाएं लगातार मजबूत होती जा रही हैं।
तीन साल पुरानी खींचतान का अंत?
दरअसल, मई 2023 में कर्नाटक में कांग्रेस सरकार बनने के समय से ही मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच अंदरूनी प्रतिस्पर्धा की चर्चा रही थी।
दोनों नेताओं ने मुख्यमंत्री पद के लिए मजबूत दावेदारी पेश की थी।हालांकि उस समय कांग्रेस आलाकमान ने सिद्धारमैया के अनुभव पर भरोसा जताते हुए उन्हें मुख्यमंत्री बनाया, जबकि डीके शिवकुमार को डिप्टी सीएम पद देकर संतुष्ट किया गया।
उस दौरान यह चर्चा भी तेज थी कि दोनों नेताओं के बीच ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले पर सहमति बनी है, हालांकि पार्टी ने कभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की।
समय के साथ सिद्धारमैया ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली, लेकिन अब माना जा रहा है कि कांग्रेस हाईकमान ने सत्ता परिवर्तन का फैसला कर लिया है और इसी के चलते सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।
कांग्रेस हाईकमान की भूमिका सबसे अहम
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस आलाकमान इस बदलाव के जरिए पार्टी में संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। डीके शिवकुमार को लंबे समय से संगठन और सरकार दोनों में बड़ी जिम्मेदारी देने की मांग उठ रही थी।
अब सबकी नजर दिल्ली में होने वाली बैठकों और कांग्रेस विधायक दल की अगली रणनीति पर टिकी हुई है। यदि सब कुछ तय योजना के मुताबिक हुआ तो जल्द ही डीके शिवकुमार कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले सकते हैं।
