Fake Certificate Gang Busts: 20 से 25 हजार रुपए में CBSE और ओपन स्कूल के फर्जी सर्टिफिकेट बनाने वाला प्रिंसिपल अरेस्ट
पुलिस ने एक अन्य व्यक्ति को 600 से अधिक फर्जी Certificate के साथ गिरफ्तार
जालंधर। कमिश्नरेट पुलिस ने फर्जी सीबीएसई और ओपन स्कूल certificate बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा ने कहा कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि शहर में एक गिरोह सक्रिय है जो फर्जी सीबीएसई और ओपन स्कूल प्रमाणपत्र बनाने में शामिल है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दोनों व्यक्तियों की पहचान अनुराग डाबर पुत्र राम प्रकाश निवासी बी-46 न्यू विनय नगर जालंधर और राघव चड्ढा पुत्र नरेश चंद्र निवासी फतेहपुरी टांडा रोड के रूप में हुई है।

सीपी स्वपन शर्मा ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ पुलिस स्टेशन डिवीजन नंबर 8 में धारा 465,467,468,471,420 आईपीसी, 66डी आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि यह गिरोह बहुत ही शातिर तरीके से काम करता था और बड़े पैमाने पर फर्जी सर्टिफिकेट बनाने का काम करता था। स्वपन शर्मा ने बताया कि पुलिस ने तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से एक प्रिंटर सहित एक कंप्यूटर सेट और करीब 600 फर्जी प्रमाणपत्र बरामद किये। इस गिरोह के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि अनुराग डाबर, जो एक निजी स्कूल का प्रिंसिपल है, छात्रों से डेटा इकट्ठा करता था और इसे दूसरे आरोपी राघव को भेजता था। स्वपन शर्मा ने कहा कि राघव कंप्यूटर का उपयोग कर डेटा से फर्जी प्रमाणपत्र तैयार करता था और उसे महंगे दामों पर बेचता था। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि यह गिरोह इन प्रमाणपत्रों को 20,000 रुपये से लेकर 25,000 रुपये तक की कीमत पर बेचता था। उन्होंने कहा कि मामले की आगे की जांच जारी है और अधिक जानकारी बाद में साझा की जाएगी।