BRICS समिट में पुतिन का अमेरिका-यूरोप पर तंज: ‘कमजोर हो रहा पश्चिम, फिर G7 क्यों?’; मोदी बोले- BRICS में दुनिया की 40% GDP और आधी आबादी!
Punjab Hotmail Bureau, नई दिल्ली। BRICS समिट 2026 के दौरान शुक्रवार को भारत मंडपम में आयोजित BRICS बिजनेस फोरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत सदस्य देशों के नेताओं ने वैश्विक व्यापार, अर्थव्यवस्था और बदलती विश्व व्यवस्था पर चर्चा की।

सबसे चर्चित बयान पुतिन का रहा। उन्होंने पश्चिमी देशों पर तंज कसते हुए कहा कि पश्चिम का प्रभाव कमजोर हो रहा है और सवाल उठाया कि कमजोर हो रहे देश खुद को G7 क्यों कहते हैं।
पुतिन ने PPP के आधार पर कहा कि BRICS की वैश्विक अर्थव्यवस्था में हिस्सेदारी करीब 40% है, जबकि G7 की हिस्सेदारी करीब 18% है।
मोदी बोले- BRICS में दुनिया की आधी आबादी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि BRICS देशों में दुनिया की करीब आधी आबादी रहती है और ये देश वैश्विक GDP में करीब 40% तथा 25% से ज्यादा ग्लोबल ट्रेड में योगदान देते हैं।

उन्होंने कहा कि भारत व्यापार बढ़ाना चाहता है और इसके लिए सुरक्षित समुद्री मार्ग जरूरी हैं। मोदी ने यह भी कहा कि पिछले वर्षों में दुनिया की GDP करीब ढाई गुना बढ़ी, जबकि BRICS देशों की GDP साढ़े चार गुना बढ़ी है।
मोदी ने कहा कि BRICS देश अब इनोवेशन और नई टेक्नोलॉजी के बड़े केंद्र बन रहे हैं। भारत में आयोजित BRICS बिजनेस फोरम को उन्होंने अब तक का सबसे बड़ा फोरम बताया।
BRICS परिवार 4 से बढ़कर 21 देशों का हुआ
मोदी ने कहा कि 2006 में BRICS की शुरुआत केवल 4 देशों से हुई थी और इस साल संगठन के 20 वर्ष पूरे हो रहे हैं। आज सदस्य और पार्टनर देशों को मिलाकर BRICS परिवार 21 देशों तक पहुंच चुका है।

पुतिन ने मोदी को रूस आने का दिया न्योता
BRICS कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच भारत मंडपम में करीब 45 मिनट की बैठक हुई। दोनों नेताओं ने भारत-रूस संबंधों के साथ मिडिल ईस्ट और ब्लैक सी के हालात पर चर्चा की।
पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी को 24वें भारत-रूस समिट के लिए रूस आने का न्योता दिया, जिसे मोदी ने स्वीकार कर लिया। बैठक के बाद दोनों नेता एक ही कार से इंडस्ट्रियल एग्जीबिशन पहुंचे।
BRICS नेताओं के अहम संदेश
मसूद पजशकियान, ईरान: उन्होंने BRICS देशों के बीच आपसी व्यापार में स्थानीय/राष्ट्रीय मुद्राओं के इस्तेमाल को बढ़ाने की वकालत की। उनका कहना था कि कुछ चुनिंदा मुद्राओं पर अधिक निर्भरता राजनीतिक संकट से प्रभावित हो सकती है।

सिरिल रामाफोसा, दक्षिण अफ्रीका: उन्होंने कहा कि अफ्रीका केवल दुनिया को अपने खनिज संसाधन देता रहे और बदले में उसकी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए निवेश न मिले, ऐसा नहीं चल सकता। उन्होंने अफ्रीकी देशों में ज्यादा निवेश और BRICS के बीच मजबूत आर्थिक साझेदारी की जरूरत बताई।

व्लादिमीर पुतिन, रूस: उन्होंने कहा कि दुनिया में बड़े और गहरे बदलाव हो रहे हैं। पुराने आर्थिक केंद्रों की जगह नई अर्थव्यवस्थाएं वैश्विक विकास को आगे बढ़ा रही हैं। हालांकि पुराने आर्थिक केंद्रों के पास अभी भी मजबूत बुनियादी ढांचा, तकनीक, वैज्ञानिक क्षमता और रिसर्च संस्थान मौजूद हैं।
नरेंद्र मोदी, भारत: उन्होंने कहा कि संघर्षों का समाधान संवाद और कूटनीति से ही निकलेगा और भारत शांति के प्रयासों में मदद के लिए तैयार है।
ब्राजील ने की भारत की BRICS अध्यक्षता की तारीफ
ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा ने भारत की BRICS अध्यक्षता की तारीफ करते हुए इसे शानदार और बेहद सफल बताया। उन्होंने कहा कि भारत की अध्यक्षता के दौरान काफी काम हुआ।
अबू धाबी के क्राउन प्रिंस और मलेशियाई PM भारत पहुंचे
BRICS समिट 2026 में शामिल होने के लिए अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान भारत पहुंचे। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया।
वहीं मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम भी BRICS समिट में शामिल होने के लिए भारत पहुंचे, उनका भी कीर्ति वर्धन सिंह ने स्वागत किया।
G7 और BRICS की ताकत पर नई बहस
BRICS की बढ़ती आर्थिक हिस्सेदारी के बीच G7 की वैश्विक भूमिका पर भी चर्चा तेज हुई है। BRICS की ताकत बड़ी आबादी, प्राकृतिक संसाधनों और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं से जुड़ी है, जबकि G7 के पास डॉलर, वैश्विक बैंकिंग, निवेश, तकनीक और मजबूत संस्थागत प्रभाव अब भी महत्वपूर्ण हैं।
