AAP को बड़ा झटका: पूर्व हलका इंचार्ज दिनेश ढल्ल BJP में शामिल, 2027 की टिकट को लेकर चर्चाएं तेज! क्या आप को होगा नुकसान?
मनमोहन सिंह, पंजाब हॉटमेल (जालंधर)। 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले जालंधर की राजनीति में बड़ा सियासी फेरबदल हुआ है। आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व हलका इंचार्ज और विधानसभा चुनाव लड़ चुके दिनेश ढल्ल अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए हैं।

निजी होटल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पंजाब भाजपा प्रधान केवल ढिल्लों की अगुवाई में उन्होंने भाजपा का दामन थामा। भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए।
दिनेश ढल्ल के भाजपा में शामिल होने को जालंधर नॉर्थ की राजनीति का अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान वह जालंधर नॉर्थ के पूर्व विधायक केडी भंडारी से भी गले मिले। उनके साथ उनके भाई भी मौजूद रहे।
भाजपा में शामिल होने के बाद दिनेश ढल्ल ने पार्टी नेतृत्व का आभार जताया और पंजाब भाजपा प्रधान केवल ढिल्लों का अभिनंदन किया।
AAP से भाजपा तक—सक्रिय रहा राजनीतिक सफर
दिनेश ढल्ल ने आम आदमी पार्टी के साथ जुड़कर जालंधर नॉर्थ विधानसभा क्षेत्र में लंबे समय तक संगठनात्मक स्तर पर काम किया। पार्टी ने उन्हें हलका इंचार्ज की जिम्मेदारी दी और बाद में विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाकर मैदान में उतारा।
इसके अलावा उन्हें पंजाब उद्योग बोर्ड के उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी मिली, जहां उन्होंने उद्योग एवं व्यापार से जुड़े मुद्दों को लेकर सक्रियता दिखाई। उनके व्यापारिक और सामाजिक संपर्कों के कारण जालंधर की स्थानीय राजनीति में भी उनकी अपनी पहचान रही है।
2027 की टिकट पर नजरें
भाजपा में शामिल होने के साथ ही सबसे ज्यादा चर्चा 2027 विधानसभा चुनाव की संभावित टिकट को लेकर शुरू हो गई है। राजनीतिक हलकों में कयास लगाए जा रहे हैं कि भाजपा जालंधर नॉर्थ से दिनेश ढल्ल को संभावित उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतार सकती है।
हालांकि, भाजपा ने अभी उनकी उम्मीदवारी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
भाजपा अपने दम पर लड़ेगी चुनाव
इस मौके पर पंजाब भाजपा प्रधान केवल ढिल्लों ने कहा कि भाजपा 2027 का विधानसभा चुनाव अपने दम पर लड़ेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी संगठन को लगातार मजबूत कर रही है और अलग-अलग राजनीतिक पृष्ठभूमि से जुड़े लोगों को भाजपा के साथ जोड़ा जा रहा है।
दिनेश ढल्ल के भाजपा में आने से AAP को जालंधर नॉर्थ में सियासी झटका माना जा रहा है, जबकि भाजपा को ऐसा नेता मिला है जो पहले इसी सीट से विधानसभा चुनाव लड़ चुका है और क्षेत्र में राजनीतिक पहचान रखता है।
अब निगाहें इस बात पर हैं कि 2027 में भाजपा उन्हें क्या जिम्मेदारी देती है और क्या पार्टी उन्हें टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारती है।
