जालंधर वेस्ट में कथित अवैध कॉलोनियों का मामला गरमाया, डोली पैलेस और पुरानी फैक्ट्री की जमीन पर प्लॉटिंग के आरोप
कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत के हलके में नगर निगम के राजस्व को करोड़ों रुपये का नुकसान होने की आशंका; निगम ने जारी किए नोटिस, संबंधित कॉलोनाइजर के खिलाफ FIR दर्ज करवाने की तैयारी
पंजाब हॉटमेल ब्यूरो, जालंधर। जालंधर वेस्ट विधानसभा क्षेत्र में कथित अवैध कॉलोनियों के विकास का मामला सामने आया है। आरोप है कि काला संघियां रोड स्थित डोली पैलेस और दशमेश नगर रोड पर एक पुरानी फैक्ट्री को गिराकर वहां प्लॉटिंग की जा रही है।

इन गतिविधियों से नगर निगम को राजस्व का नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। गौरतलब है कि जालंधर वेस्ट से कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत विधायक हैं।
कई शिकायतों के बावजूद कार्रवाई पर उठे सवाल
जानकारी के अनुसार, डोली पैलेस की जमीन और दशमेश नगर रोड स्थित पुरानी फैक्ट्री की जगह पर कथित तौर पर कॉलोनी विकसित की जा रही है। आरोप हैं कि यहां प्लॉट बेचने के साथ-साथ कोठियों का निर्माण कर उन्हें भी बेचा जा रहा है।
इस मामले में संबंधित प्रॉपर्टी डीलर के खिलाफ कई शिकायतें किए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, आरोपों की पुष्टि और जमीन के कानूनी दर्जे को लेकर संबंधित विभाग की जांच महत्वपूर्ण होगी।
नगर निगम ने जारी किए नोटिस, लोगों को दी प्लॉट न खरीदने की सलाह
नगर निगम के एमटीपी इकबालप्रीत सिंह रंधावा के अनुसार, संबंधित कॉलोनियों को नोटिस जारी किए गए हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की है कि डोली पैलेस और दशमेश नगर रोड स्थित पुरानी फैक्ट्री की जगह पर विकसित की जा रही कथित अवैध कॉलोनियों में जांच किए बिना प्लॉट न खरीदें। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
तीन नोटिस जारी, FIR दर्ज करवाने की तैयारी
नगर निगम के एटीपी रविंदर कुमार ने बताया कि डोली पैलेस और दशमेश नगर रोड पर विकसित की जा रही कॉलोनियों के संबंध में तीन नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि संबंधित कॉलोनाइजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने की तैयारी की जा रही है। यदि निर्माण कार्य नहीं रोका गया, तो नियमों के अनुसार डिच मशीन से अवैध निर्माण गिराने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
प्लॉट खरीदने से पहले दस्तावेजों की जांच जरूरी
इस मामले ने एक बार फिर अवैध कॉलोनियों पर नगर निगम की निगरानी और कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लोगों को सलाह दी जाती है कि किसी भी प्लॉट या निर्माणाधीन कोठी को खरीदने से पहले कॉलोनी की मंजूरी, जमीन के दस्तावेज और संबंधित विभागों से जरूरी अनुमतियों की पुष्टि जरूर करें।
नोट: संबंधित प्रॉपर्टी डीलर पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। मामले में नगर निगम की जांच और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
