AdministrationBreaking NewsBusinessCentral GovernmentChandigarhCityCrimeDelhiEducationEnforcement department (ED)FeaturedGadgetsGovernmentIndiaJalandharPoliticsजालंधरदेश-विदेशनई दिल्लीपंजाबराज्य समाचार

जालंधर में ED की कार्रवाई: राज्यसभा सांसद अशोक कुमार मित्तल के आवास, LPU और अन्य ठिकानों पर छापेमारी की खबर… पढ़ें

Spread the love

#Jalandhar #EDRaid #AshokKumarMittal #LPU #MoneyLaundering #PunjabNews #BreakingNews #PunjabPolitics #EnforcementDirectorate

हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर सहित अन्य जगहों पर रेड की खबर, आधिकारिक पुष्टि नहीं!

पंजाब हॉटमेल, जालंधर। पंजाब की सियासत और शिक्षा जगत में उस समय हलचल मच गई जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने राज्यसभा सांसद और Lovely Professional University (एलपीयू) के चेयरमैन Ashok Kumar Mittal के आवास और अन्य संबंधित ठिकानों पर छापेमारी की।

यह कार्रवाई कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ी बताई जा रही है, जिसमें कुछ कंपनियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।-

सुबह-सुबह दबिश, दस्तावेजों की जांच

सूत्रों के अनुसार ईडी की टीम ने सुबह तड़के जालंधर स्थित आवास पर पहुंचकर जांच शुरू की। इसके साथ ही यूनिवर्सिटी परिसर और अन्य संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है।

टीम वित्तीय लेन-देन और कथित संदिग्ध ट्रांजैक्शनों की जांच में जुटी है।हालांकि, अभी तक ईडी की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

हाल ही में मिली थी अहम जिम्मेदारी

बताया जा रहा है कि हाल ही में अशोक कुमार मित्तल को राज्यसभा में डिप्टी लीडर की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। ऐसे में यह कार्रवाई राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई है। विपक्ष और राजनीतिक विश्लेषक इस घटनाक्रम को अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं।

एलपीयू प्रशासन का बयान

एलपीयू के पीआरओ हरप्रीत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यूनिवर्सिटी कैंपस के अंदर स्थिति पूरी तरह सामान्य है और उन्हें आवास पर हुई रेड की आधिकारिक जानकारी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक गतिविधियां नियमित रूप से जारी हैं।

मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की जांचसूत्रों के मुताबिक, मामला कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा हो सकता है, जिसमें कुछ कंपनियों की भागीदारी की जांच की जा रही है। ईडी की टीम वित्तीय दस्तावेज, बैंकिंग रिकॉर्ड और अन्य संबंधित कागजात खंगाल रही है।

जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो पाएगी। फिलहाल राजनीतिक और शैक्षणिक जगत की नजरें इस कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *