हाईकोर्ट के संज्ञान के बाद जिला प्रशासन की कार्रवाई: BJP नेता के ईंट के भट्टे पर रेड, करीब 30 बंधुआ मजदूर छुड़वाए; DC को सौंपी रिपोर्ट!
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जालंधर। जालंधर से बड़ी खबर सामने आई है जहां BJP नेता मजदूरों को जबरन बंधुआ बनाकर काम लिया जा रहा था। गांव राओवाली में भाजपा नेता सर्बजीत मक्कड़ के ईंटों के भट्ठे पर जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए 25 से 30 बंधुआ मजदूरों को छुड़वाया है।

बुधवार सुबह हाईकोर्ट द्वारा मामले का संज्ञान लेने के बाद प्रशासन ने यह कार्रवाई की। मौके पर पहुंची टीम के अधिकारियों ने बताया कि गांव राओवाली में जब सुबह टीम ने औचक निरीक्षण किया तो वहां कई प्रवासी परिवार मिले, जिन्होंने कहा कि उन्हें बंधक बनाकर स्खा गया है।
सुबह अचानक की गई इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया। बता दें कि इस पूरे मामले को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। रिपोर्ट डीसी को सौंप दी है। रेड में तहसीलदार गुरसिमरन सिंह, नायब तहसीलदार गुरसिमरन सिंह ने जगतार सिंह और सीनियर सहायक नरेश कौल शामिल थे।
मजदूरों का आरोप- जबरन रखा, कम मजदूरी, ज्यादा काम करवाते थे
मुक्त कराए गए मजदूरों ने प्रशासन के सामने खुलकर अपनी बात रखी। मजदूरों का कहना है कि उन्हें जबरन भट्ठे पर रोके रखा गया था। उन्हें बाहर जाने नहीं दिया जाता था और नाममात्र की मजदूरी दी जाती थी।
कई मजदूरों ने आरोप लगाया कि उनसे सुबह से देर रात तक काम करवाया जाता था और विरोध करने पर धमकियां दी जाती थीं।
यह भी बातें सामने आई हैं कि उन्हें कम वेतन में ही रहने को मजबूर किया गया और वहां से जाने भी नहीं दिया जाता था। वहां कई परिवार थे जिनमें छोटे बच्चे भी थे।
कहा कि सर्बजीत मक्कड़ के ईंटों के भट्ठे पर कार्रवाई करते हुए मजदूरों को फ्री करवाकर उन्हें कैंट रेलवे स्टेशन पर छोड़ दिया गया है। यहां से वह अपने राज्य की तरफ रवाना हुए। पूरे मामले की रिपोर्ट डीसी को सौंपी गई है। सभी मजदूरों के बयान दर्ज किए गए हैं।
उधर, सर्बजीत मक्कड़ ने रेड की कार्रवाई से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि उनके यहां पर कोई रेड नहीं हुई है। यह मजदूरों का आपसी मामले हैं। हमें इसके बारे में कुछ नहीं पता, सब झूठ है।
