सुप्रीम कोर्ट से CBI गिरफ्तारी पर राहत, अब राजबीर घुम्मन के खिलाफ ED ने भी दर्ज किया मामला
पंजाब के CM भगवंत मान के OSD से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में जांच तेज, नियुक्तियों-तबादलों, सरकारी ठेकों और करोड़ों रुपये के लेन-देन से जुड़े आरोपों की जांच के बीच बढ़ी हलचल!
पंजाब हॉटमेल ब्यूरो, जालंधर। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के विशेष कर्तव्य अधिकारी (OSD) राजबीर सिंह घुम्मन से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में जांच का दायरा बढ़ता नजर आ रहा है।

सुप्रीम कोर्ट से केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की प्राथमिकी के संबंध में गिरफ्तारी और दंडात्मक कार्रवाई से राहत मिलने के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी राजबीर सिंह घुम्मन के खिलाफ जालंधर में मामला दर्ज किया है।
एक तरफ सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत और दूसरी तरफ ED की कार्रवाई ने पंजाब के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। हालांकि, गिरफ्तारी पर रोक का मतलब मामले की जांच पर रोक लगना नहीं है।
इस मामले की पृष्ठभूमि मुख्यमंत्री कार्यालय में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं से जुड़े आरोपों से संबंधित है। बताया जाता है कि ED ने पंजाब के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री कार्यालय में कथित कदाचार और भ्रष्टाचार की जांच की मांग की थी।
इसके बाद पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर CBI ने इस मामले में 251 पन्नों की विस्तृत प्राथमिकी दर्ज की थी। अब ED की एंट्री से मामले में कथित आर्थिक लेन-देन और संपत्तियों से जुड़े पहलुओं की जांच भी महत्वपूर्ण हो गई है।
राजबीर सिंह घुम्मन और उनके कथित सहयोगियों पर अधिकारियों की नियुक्तियों, तबादलों और तैनातियों को प्रभावित करने, सरकारी ठेके दिलाने तथा गोपनीय सरकारी फाइलों की जानकारी लीक करने के बदले कथित तौर पर करोड़ों रुपये नकद और अचल संपत्तियां हासिल करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
जांच एजेंसियों को संदेह है कि इन गतिविधियों के पीछे रिश्वत के लेन-देन का एक नेटवर्क काम कर रहा था। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि अभी न्यायिक प्रक्रिया और जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही होगी।
फिलहाल CBI भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों की जांच कर रही है, जबकि ED की कार्रवाई से कथित आर्थिक लेन-देन और संपत्तियों से संबंधित पहलुओं की जांच आगे बढ़ सकती है।
सुप्रीम कोर्ट से मिली अंतरिम राहत के बीच ED द्वारा मामला दर्ज किए जाने से यह प्रकरण एक बार फिर पंजाब की राजनीति और प्रशासन में चर्चा का विषय बन गया है।
