पंजाब में अकाली दल-BJP गठबंधन की तैयारी तेज: SAD से तीन अधिक सीटों के फॉर्मूले पर सहमति! CM चेहरे पर भी बनी रणनीति
पंजाब हॉटमेल, जालंधर/चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले शिरोमणि अकाली दल (SAD) और BJP के बीच गठबंधन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है।

सूत्रों के मुताबिक, दोनों दलों के बीच सीट शेयरिंग के संभावित फॉर्मूले से लेकर मुख्यमंत्री पद को लेकर रणनीति तक पर सहमति बनती दिख रही है। प्रस्तावित फॉर्मूले में BJP 60 और अकाली दल 57 सीटों पर चुनाव लड़ सकता है।
सूत्रों के अनुसार, गठबंधन में BJP बड़े भाई की भूमिका में रहेगी। मुख्यमंत्री चेहरे की घोषणा चुनाव परिणाम से पहले नहीं करने पर भी सहमति बनने की बात कही जा रही है। यानी चुनाव जीतने की स्थिति में ही मुख्यमंत्री पद को लेकर अंतिम फैसला किया जाएगा।
2024 लोकसभा चुनाव के प्रदर्शन को बनाया आधार
सीट बंटवारे के लिए 2024 लोकसभा चुनाव के आंकड़ों को आधार बनाया गया है। BJP सूत्रों का दावा है कि पार्टी 23 विधानसभा क्षेत्रों में पहले स्थान, 7 में दूसरे और 28 में तीसरे स्थान पर रही थी। इसी आधार पर BJP ने अपने मजबूत क्षेत्रों में ज्यादा सीटों पर दावा पेश किया।
दोनों दलों के 2024 के वोट प्रतिशत को जोड़ने पर गठबंधन का आंकड़ा करीब 31.98% बताया जा रहा है। इसी गणित को आधार बनाकर दोनों पार्टियां 2027 के विधानसभा चुनाव में मजबूत मुकाबले की रणनीति तैयार कर रही हैं।
70+ सीटों से शुरू हुई बात, 60-57 पर पहुंचा फॉर्मूला
सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती बातचीत में दोनों दलों के बीच 117 सीटों को लगभग बराबर बांटने की चर्चा हुई थी। बाद में BJP की ओर से 70 से अधिक सीटों पर दावा किए जाने की बात सामने आई, जबकि अकाली दल करीब 50% सीटों पर चुनाव लड़ने के पक्ष में रहा।
इसके बाद BJP के पंजाब चुनाव प्रभारी और केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल की सुखबीर बादल से मुलाकात हुई। BJP ने अपने मजबूत विधानसभा क्षेत्रों और पार्टी के प्रभावशाली नेताओं वाले क्षेत्रों का हवाला देते हुए ज्यादा सीटों की मांग रखी।
बातचीत के बाद 60:57 के संभावित फॉर्मूले पर सहमति बनने की चर्चा है।
PM मोदी की नजर में गठबंधन की पूरी कवायद
सूत्रों का कहना है कि गठबंधन की पूरी कवायद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी नजर है। सितंबर में गठबंधन का औपचारिक ऐलान होने की संभावना जताई जा रही है।
हालांकि, सीटों की अंतिम सूची और गठबंधन की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है।करीब तीन सप्ताह पहले सुखबीर बादल की दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद दोनों दलों के संभावित गठबंधन को लेकर चर्चाएं और तेज हुई थीं।
नोट: सीट शेयरिंग और मुख्यमंत्री चेहरे से जुड़ी जानकारी फिलहाल सूत्रों के हवाले से है। दोनों दलों की ओर से आधिकारिक घोषणा के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।
