सिख चेहरों को नजरअंदाज करना बंद करें सभी राजनीतिक दल: सिख तालमेल कमेटी की दोटूक मांग, फैसला नहीं बदला तो पार्टी के बहिष्कार पर होगा विचार
जालंधर में सिख संगठनों ने शुरू की मुहिम, AAP हाईकमान से हलका इंचार्जों की नियुक्तियों की समीक्षा करने की अपील
हरपाल चड्ढा बोले—सिख नेताओं को योग्यता और योगदान के आधार पर मिले अहम जिम्मेदारियां
पंजाब हॉटमेल ब्यूरो, जालंधर। पंजाब में सिख समुदाय के राजनीतिक प्रतिनिधित्व का मुद्दा लगातार जोर पकड़ रहा है। सिख तालमेल कमेटी, जालंधर ने सभी राजनीतिक दलों से सिख नेताओं को उनकी योग्यता, जनसेवा और राजनीतिक योगदान के आधार पर उचित प्रतिनिधित्व देने की मांग की है।

कमेटी ने स्पष्ट किया कि सिख नेताओं की अनदेखी का मुद्दा किसी एक राजनीतिक पार्टी तक सीमित नहीं है, बल्कि सभी दलों को अपने संगठनात्मक ढांचे, नियुक्तियों और राजनीतिक फैसलों की समीक्षा करनी चाहिए।
सिख तालमेल कमेटी की ओर से जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि सिख समुदाय को केवल चुनाव के समय याद करना उचित नहीं है।
राजनीतिक दलों के संगठनात्मक ढांचे, महत्वपूर्ण नियुक्तियों और निर्णय लेने वाली समितियों में भी सिख नेताओं को उचित स्थान मिलना चाहिए। लोकतंत्र की मजबूती के लिए सभी समुदायों को राजनीतिक प्रक्रिया में समान अवसर देना जरूरी है।
सिख समुदाय की मांग किसी धर्म या जाति के खिलाफ नहीं: कमेटी
कमेटी ने स्पष्ट किया कि उसकी यह मांग किसी अन्य धर्म या जाति के खिलाफ नहीं है। इसका उद्देश्य सिख समुदाय के मान-सम्मान, अधिकारों और उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करना है।
बयान में कहा गया कि किसी भी राजनीतिक दल की ओर से सिख नेताओं को लगातार नजरअंदाज किए जाने की धारणा पैदा होना सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से चिंता का विषय है।
कमेटी ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे सिख नेताओं की योग्यता और उनके योगदान को उचित सम्मान दें तथा जालंधर समेत पूरे पंजाब में सिख समुदाय की राजनीतिक भागीदारी मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाएं।
AAP हाईकमान से हलका इंचार्जों की नियुक्तियों की समीक्षा की मांग
सिख तालमेल कमेटी के प्रतिनिधि हरपाल चड्ढा ने आम आदमी पार्टी (AAP) की हाईकमान से अपील की कि जालंधर में हलका इंचार्जों की नियुक्तियों की समीक्षा की जाए और योग्य सिख नेताओं को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जाएं।
हरपाल चड्ढा ने कहा कि सिख समुदाय की भावनाओं को गंभीरता से लेते हुए इस मामले का जल्द समाधान निकाला जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि राजनीतिक दलों को सिख नेताओं को उनकी योग्यता, जनसेवा और राजनीतिक योगदान के आधार पर आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर देने चाहिए।
मांगें नहीं मानीं तो पार्टी के बहिष्कार पर हो सकता है विचार
सिख तालमेल कमेटी ने चेतावनी दी कि यदि सिख समुदाय को उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो विभिन्न सिख संगठनों के साथ बैठक कर अगली रणनीति तैयार की जाएगी।
कमेटी के अनुसार, आगामी रणनीति में संबंधित राजनीतिक पार्टी के बहिष्कार जैसे सख्त कदम पर विचार करना भी शामिल हो सकता है। कमेटी ने कहा कि समुदाय की भावनाओं और मांगों की अनदेखी जारी रहने पर संगठनों को आगे की कार्रवाई के संबंध में सामूहिक निर्णय लेना पड़ेगा।
कई सिख संगठनों और प्रतिनिधियों ने मुहिम में शामिल होने का किया ऐलान
सिख तालमेल कमेटी की ओर से शुरू की गई इस मुहिम में विभिन्न संगठनों, गुरुद्वारा साहिबान के प्रतिनिधियों और अन्य सिख नेताओं ने शामिल होने का ऐलान किया है। इस दौरान बड़ी संख्या में प्रतिनिधियों की मौजूदगी का उल्लेख किया गया।
मुहिम में शामिल होने वाले प्रमुख प्रतिनिधियों के नाम इस प्रकार हैं:
- अगाज संगठन: परमप्रीत सिंह विट्टी।
- गुरु घरों के प्रतिनिधि एवं अन्य सिख नेता: जगमोहन सिंह पक्का बाग, चरणजीत सिंह चड्ढा, कमलजीत सिंह गुरु तेग बहादुर नगर, सतपाल सिंह सिद्दीकी, गुरजीत सिंह पोपली, हरप्रीत सिंह नीतू, भूपिंदर पाल सिंह गढ़ा, गुरविंदर सिंह सिद्धू, पलविंदर सिंह बाबा, गुरविंदर सिंह नागी, अमनदीप सिंह बग्गा, अरविंदर पाल सिंह बबलू, तेजिंदर सिंह संत नगर, जसप्रीत सिंह जस्सी, रणजीत सिंह गोल्डी, सन्नी राठौर, राजा सिंह, हरप्रीत सिंह बाजवा, रणजीत सिंह नोनी, परमजीत सिंह, बंटी राठौर, मोहिंदर सिंह, हरप्रीत सिंह, मंगत सिंह, जस्मीत सिंह लोटस, सुखदेव सिंह सुख्खा बेदी साहिब, भूपिंदर सिंह भिंदा, प्रदीप सिंह विक्की, बलविंदर सिंह, मनिंदर सिंह बेदी और डॉ. गुरमुख सिंह।
इसके अतिरिक्त सगन, आकाश गुगलानी, बिक्रमजीत सिंह और फतेहबीर सिंह साहनी सहित बड़ी संख्या में अन्य प्रतिनिधियों की मौजूदगी का भी उल्लेख किया गया।
सभी राजनीतिक दलों से एकजुट होकर उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की अपील
सिख तालमेल कमेटी ने दोहराया कि सिख समुदाय को राजनीतिक प्रक्रिया में केवल मतदाता के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। समुदाय के योग्य नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां और निर्णय लेने की प्रक्रिया में उचित स्थान मिलना चाहिए।
कमेटी ने सभी राजनीतिक दलों से अपने फैसलों की समीक्षा करने, सिख नेताओं को सम्मानजनक प्रतिनिधित्व देने और इस संबंध में ठोस कदम उठाने की अपील की।
जारीकर्ता: सिख तालमेल कमेटी, जालंधर।
