AdministrationBreaking NewsBusinessChandigarhCityEnvironmentFeaturedGovernmentJalandharPositive NewsPunjab GovernmentPunjab Hotmailअमृतसरजालंधरपंजाबपटियालाबठिंडाराज्य समाचारलुधियाना

दिवाली से पहले महंगाई का जोर का झटका: पंजाब में 1 नवंबर से इतने रुपये प्रति लीटर तक महंगा होगा दूध, डेयरी संचालक बोले- बर्बाद हो जाएंगे!

Spread the love

फैट के रेट में भी 30 पैसे की बढ़ोतरी; हरा चारा, तूड़ी और खल-दाने की बढ़ती कीमतों के चलते डेयरी संचालकों ने लिया फैसला।

पंजाब हॉटमेल ब्यूरो, लुधियाना/पंजाब। त्योहारों के बीच लुधियाना के लोगों को महंगाई का एक और झटका लगने जा रहा है। शहर में 1 नवंबर से दूध की कीमतों में बढ़ोतरी की जाएगी। हैबोवाल और ताजपुर स्थित डेयरी परिसरों के संचालकों ने आपसी सहमति से दूध के दाम बढ़ाने का फैसला किया है।

इसके तहत मौजूदा 80 रुपये प्रति लीटर की दर से बिकने वाला दूध अब 85 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच जाएगा। वहीं, क्रीम कारोबार से जुड़े डेयरी संचालकों के लिए फैट के रेट में भी 30 पैसे की बढ़ोतरी की गई है।

जिला डेयरी एसोसिएशन के प्रमुख कुलदीप सिंह लहोरिया और अन्य प्रतिनिधियों ने दूध के दाम बढ़ाने की पुष्टि की है। एसोसिएशन के अनुसार, पशुओं के आहार की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण डेयरी संचालकों की उत्पादन लागत बढ़ गई है।

हरा चारा, तूड़ी, खल और दाने के दाम बढ़ने से डेयरी कारोबार पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में कारोबार को जारी रखने के लिए दूध की कीमतों में इजाफा करना जरूरी हो गया है।

हरा चारा 90 रुपये से बढ़कर 140 रुपये प्रति 40 किलो तक पहुंचा

डेयरी संचालक राकेश कुमार ने बताया कि डेयरी उद्योग इस समय महंगाई की मार झेल रहा है। उनके मुताबिक, पिछले 40 वर्षों में पशुओं के चारे की कीमतों में इतनी तेजी देखने को नहीं मिली।

गाय और भैंस खरीदने की लागत पहले से ही अधिक है, जबकि हरे चारे का भाव 80 से 90 रुपये प्रति 40 किलो से बढ़कर करीब 140 रुपये हो गया है।

इसी तरह, तूड़ी की कीमत 250 से 300 रुपये प्रति मन से बढ़कर 400 रुपये प्रति मन तक पहुंच गई है। खल-दाने और अन्य जरूरी सामान भी लगातार महंगे हो रहे हैं।

डेयरी संचालकों ने जताई कारोबार बंद होने की आशंका

राकेश कुमार के अनुसार, बढ़ती लागत और अन्य समस्याओं के चलते कई डेयरियां पहले ही बंद हो चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि यदि दूध के दामों में लागत के अनुरूप बढ़ोतरी नहीं की गई, तो आने वाले समय में डेयरी उद्योग के सामने गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।

डेयरी संचालकों का कहना है कि पशुओं के चारे से लेकर रखरखाव तक हर खर्च बढ़ने के कारण पुराने दामों पर कारोबार चलाना मुश्किल होता जा रहा है।

दूध की कीमतों में होने वाली इस बढ़ोतरी का सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा। खासकर उन परिवारों का मासिक बजट प्रभावित होगा, जिनके घरों में रोजाना अधिक मात्रा में दूध की खपत होती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *