महिलाओं की अगुवाई में एल्डेको में गूंजा स्वच्छता का संदेश, बच्चों ने गिद्धा, बैंड और कोरियोग्राफी से बांधा समां
संत सीचेवाल बोले—बच्चों में स्वच्छता के संस्कार डालना भविष्य के समाज को संवारने जैसा; स्वच्छता किसी एक व्यक्ति या संस्था की नहीं, पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी
पंजाब हॉटमेल ब्यूरो, जालंधर (मनमोहन सिंह)। एल्डेको ग्रीन्स में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को समर्पित विशेष अभियान का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों, महिलाओं और सोसाइटी निवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

अभियान में राज्यसभा सदस्य एवं पर्यावरण प्रेमी संत बलबीर सिंह सीचेवाल मुख्य रूप से शामिल हुए। उन्होंने बच्चों और समाज के लोगों को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण तथा सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया।
संत सीचेवाल ने कहा कि बच्चों को छोटी उम्र से ही सफाई और पर्यावरण संरक्षण के संस्कार देना भविष्य के समाज को संवारने जैसा है। जब बच्चे अपने घर, गली और आसपास के क्षेत्र की सफाई को अपनी जिम्मेदारी समझने लगते हैं, तो स्वच्छ, स्वस्थ और हरित समाज की मजबूत नींव तैयार होती है।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता किसी एक व्यक्ति या संस्था का काम नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है।

स्वच्छता रैली से हुई अभियान की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत स्वच्छता रैली के साथ हुई। इसमें एल्डेको ग्रीन्स सोसाइटी के सदस्यों, महिलाओं और बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। रैली के बाद परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया।
इस दौरान उपस्थित लोगों ने अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की शपथ ली। संत सीचेवाल ने लोगों से अपील की कि स्वच्छता को केवल किसी अभियान या विशेष दिन तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाया जाए।
गिद्धा, बैंड और कोरियोग्राफी ने जीता दिल

अभियान के दौरान आयोजित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहीं। सेंट सोल्जर स्कूल की गिद्धा टीम ने पारंपरिक नृत्य के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। वहीं स्कूल की बैंड टीम ने शानदार प्रस्तुति देकर माहौल में उत्साह भर दिया।
इसके अलावा लिटिल इंडिया पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर आधारित शानदार कोरियोग्राफी प्रस्तुत की। बच्चों के तालमेल और प्रभावी प्रस्तुति को उपस्थित लोगों ने खूब सराहा।
संत सीचेवाल ने सभी टीमों के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि कला और संस्कृति के माध्यम से सामाजिक संदेश को लोगों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है।
नारा लेखन प्रतियोगिता में बच्चों ने दिखाई रचनात्मकता
एल्डेको पुस्तकालय टीम की ओर से बच्चों के लिए नारा लेखन प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इसमें बच्चों ने स्वच्छता, हरियाली और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े रचनात्मक नारे लिखे।

प्रतियोगिता में विजेता बच्चों और बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पदक और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। पुरस्कार प्राप्त करने के बाद बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला।
संत सीचेवाल ने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं बच्चों में रचनात्मकता बढ़ाने के साथ-साथ उनमें सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करती हैं।
महिलाओं की सक्रिय भागीदारी बनी अभियान की खास कड़ी
स्वच्छता अभियान में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी विशेष रूप से देखने को मिली। संत सीचेवाल ने कहा कि जब महिलाएं सामाजिक कार्यों की अगुवाई करती हैं तो सकारात्मक बदलाव तेजी से दिखाई देता है।
उन्होंने महक जिंदल, श्वेता गोपाल, सुनीता पॉल, रुचि पुरी, कंचन, शालिमा, इंदू बत्रा और सपना तुली सहित सभी महिला सदस्यों के योगदान की सराहना की। कार्यक्रम का मंच संचालन श्वेता गोपाल ने किया।
बच्चों और कलाकारों को पुरस्कार देकर किया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान बच्चों और कलाकारों का उत्साह बढ़ाने के लिए पुरस्कार भी वितरित किए गए। सुखविंदर सिंह ‘सुखी’ की ओर से गीता समूह को 10 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई।
इसके अलावा संजीव लखनपाल और वरिंदर कांसल सहित अन्य गणमान्य लोगों ने बच्चों और गिद्धा टीम को पुरस्कार एवं नकद राशि देकर सम्मानित किया।
इन लोगों ने दिया अभियान को सफल बनाने में सहयोग
कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य प्रायोजक भगवान दास चौधरी, प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. सुगनी, गोपाल कृष्ण, नरेश सरना, मोहन लूथरा, संजय गुलाटी, हैप्पी मक्कड़, राकेश शर्मा, टी.एस. बग्गा, राजेश पुरी, सुमित ठुकराल, कवल नयन, नेक्टर चौहान, नरेश ढल्ल, राज कुमार, डॉ. नवदीप अनेजा, नवतेज सिंह, अनूप मिगलानी, एडवोकेट राजेश वर्मा, एस.एन. चोपड़ा और सौरव शर्मा सहित सोसाइटी निवासियों ने सहयोग दिया।
कार्यक्रम ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक भागीदारी का संदेश देते हुए यह बात सामने रखी कि बच्चों, महिलाओं और समाज के प्रत्येक वर्ग की सामूहिक भागीदारी से ही स्वच्छ और हरित समाज का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
