महानवमी 2026: 19 और 20 अक्टूबर दोनों दिन रहेगी नवमी तिथि, जानें कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त!
अष्टमी-नवमी की तिथियों को लेकर असमंजस, 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा दशहरा; जानें पूजा का समय और दिन का चौघड़िया
पंजाब हॉटमेल ब्यूरो, जालंधर/नई दिल्ली। Ashtami or Navami 2026: शारदीय नवरात्रि में कन्या पूजन का विशेष धार्मिक महत्व है। मान्यता है कि कन्या पूजन और हवन करने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और भक्तों पर अपनी कृपा बरसाती हैं। इससे घर में सुख-समृद्धि, सौभाग्य और खुशहाली आने की भी मान्यता है।

हालांकि, इस वर्ष अष्टमी और नवमी तिथियां दो अलग-अलग दिनों में पड़ने के कारण श्रद्धालुओं के बीच कन्या पूजन की तारीख और शुभ मुहूर्त को लेकर असमंजस बना हुआ है। आइए जानते हैं अष्टमी-महानवमी की तिथियां, कन्या पूजन का शुभ समय और दशहरा मनाने की तारीख।
🪔 अष्टमी तिथि 2026: कब करें पूजन?
आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर 2026 को सुबह 8:27 बजे शुरू हुई और 19 अक्टूबर को सुबह 10:51 बजे समाप्त होगी। उदयातिथि के अनुसार, अष्टमी का पर्व 19 अक्टूबर को मनाया जा रहा है। हालांकि, कुछ स्थानों पर 18 अक्टूबर को भी अष्टमी पूजन किया गया है।
🌸 महानवमी 2026: 19 और 20 अक्टूबर को कन्या पूजन
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि 19 अक्टूबर को सुबह 10:51 बजे शुरू होकर 20 अक्टूबर को दोपहर 12:50 बजे तक रहेगी। नवमी तिथि दोनों दिनों में रहने के कारण श्रद्धालु कन्या पूजन के समय को लेकर असमंजस में हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवमी तिथि के दौरान कन्या पूजन किया जा सकता है। ऐसे में श्रद्धालु अपनी परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार 19 या 20 अक्टूबर को कन्या पूजन, हवन और नवरात्रि का उद्यापन कर सकते हैं।
🙏 नवमी पर कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त
बताए गए मुहूर्त के अनुसार, श्रद्धालु दोनों दिन अभिजीत मुहूर्त में कन्या पूजन कर सकते हैं।

- 19 अक्टूबर: सुबह 11:43 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक।
- 20 अक्टूबर: सुबह 11:43 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक।
ध्यान दें कि पूजा के मुहूर्त की गणना स्थान के अनुसार अलग हो सकती है। इसलिए पूजन करने से पहले अपने क्षेत्र के स्थानीय पंचांग से समय की पुष्टि कर लें।
🏹 दशहरा 2026 कब मनाया जाएगा?
आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि 20 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12:51 बजे शुरू होकर 21 अक्टूबर को दोपहर 2:11 बजे समाप्त होगी।
धार्मिक परंपरा में दशहरा मनाने के लिए दशमी तिथि के साथ प्रदोष काल के संयोग को महत्व दिया जाता है। दिए गए पंचांग विवरण के अनुसार, दशहरा 20 अक्टूबर 2026 को मनाया जाएगा।
⏰ 19 अक्टूबर: दिन का चौघड़िया
- अमृत: सुबह 6:24 से 7:49 बजे तक
- काल: सुबह 7:49 से 9:15 बजे तक
- शुभ: सुबह 9:15 से 10:40 बजे तक
- रोग: सुबह 10:40 से दोपहर 12:05 बजे तक
- उद्वेग: दोपहर 12:05 से 1:31 बजे तक
- चर: दोपहर 1:31 से 2:56 बजे तक
- लाभ: दोपहर 2:56 से शाम 4:22 बजे तक
- अमृत: शाम 4:22 से 5:47 बजे तक
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण)
यह जानकारी सामान्य धार्मिक मान्यताओं, ज्योतिषीय गणनाओं और उपलब्ध पंचांग विवरण पर आधारित है। तिथि, मुहूर्त और पूजा के समय में स्थान के अनुसार अंतर संभव है। श्रद्धालु पूजा से पहले स्थानीय पंचांग या योग्य पंडित से पुष्टि कर लें। पंजाब हॉटमेल इस जानकारी की पूर्ण सटीकता की गारंटी नहीं देता।
