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पंजाब में अवैध खनन पर ED का बड़ा एक्शन: 16 ठिकानों पर छापे, ₹1.75 करोड़ नकद जब्त; पठानकोट के चर्चित शमलात भूमि घोटाले की जांच तेज!

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Punjab Hotmail, जालंधर। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के जालंधर जोनल कार्यालय ने 16 जुलाई 2026 को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए पठानकोट जिले के गांव भट्टियां (गोल पंचायत) में शमलात भूमि पर हुए कथित अवैध रेत खनन मामले में 16 ठिकानों पर छापेमारी की।

यह कार्रवाई तत्कालीन अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) कुलदीप सिंह द्वारा कथित रूप से पारित विवादित आदेश के जरिए शमलात भूमि के अवैध हस्तांतरण और उसके बाद हुए अवैध खनन की जांच के सिलसिले में की गई।

छापेमारी के दौरान ईडी ने अवैध रेत और नदी तल (River Bed Material) के खनन से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए। इसके अलावा ₹1.75 करोड़ की बेहिसाबी नकदी बरामद की गई तथा ₹91.34 लाख की राशि वाले बैंक खातों को धारा 17(1A), PMLA के तहत फ्रीज कर दिया गया।

ईडी की जांच विजिलेंस ब्यूरो, अमृतसर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। एफआईआर में तत्कालीन ADC कुलदीप सिंह समेत 9 लोगों पर गांव भट्टियां की शमलात भूमि को कथित रूप से निजी व्यक्तियों के नाम अवैध तरीके से स्थानांतरित करने के आरोप हैं।

जांच में सामने आया कि रावी नदी के किनारे और अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट स्थित यह भूमि राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से भी बेहद संवेदनशील है।

ईडी के अनुसार, कुलदीप सिंह की ADC (ग्रामीण विकास), पठानकोट के पद पर नियुक्ति उनकी सेवानिवृत्ति से मात्र चार दिन पहले राज्य सरकार के एक मंत्री की सिफारिश पर हुई थी और उन्होंने कथित विवादित आदेश सेवानिवृत्ति से एक दिन पहले पारित किया।

कार्रवाई के दौरान एम/एस श्री साई स्टोन क्रशर एंड स्क्रीनर, एम/एस शिव शंकर स्टोन क्रशर तथा उनसे जुड़ी कंपनियों और प्रमुख प्रबंधन अधिकारियों को भी जांच के दायरे में लिया गया।

जांच में आरोप है कि इन संस्थाओं ने बिना वैध अनुमति और टैक्स तथा रॉयल्टी का भुगतान किए रेत और नदी तल की सामग्री का अवैध खनन, खरीद, बिक्री और परिवहन किया।

ईडी ने यह भी बताया कि कुछ सरकारी अधिकारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में है, जिन पर अवैध खनन को संरक्षण देने या समय रहते कार्रवाई न करने के आरोप हैं, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा।

जांच में यह भी सामने आया कि रात के समय बड़ी संख्या में ट्रक, टिप्पर और एक्सकेवेटर, जिनमें कुछ बिना नंबर प्लेट के थे, अवैध खनन में इस्तेमाल किए जा रहे थे, जिससे संगठित अवैध खनन नेटवर्क की आशंका जताई गई है।

ईडी ने बताया कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सीमा क्षेत्रों में अवैध खनन को लेकर दायर जनहित याचिका (CWP-22567-2012) अभी भी लंबित है।

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में टिप्पणी की थी कि पठानकोट और गुरदासपुर के सीमा क्षेत्रों, विशेषकर रावी नदी के पार होने वाला खनन राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है, क्योंकि इससे ड्रग तस्करों, आतंकियों और आईएसआई समर्थित असामाजिक तत्वों को मदद मिल सकती है।

अदालत ने राज्य सरकार को इस पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश भी दिए थे।ईडी ने अवैध खनन की वैज्ञानिक जांच के लिए सर्वे ऑफ इंडिया से भी सहयोग मांगा है। मामले में आगे की जांच जारी है।

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