पंजाब कांग्रेस का बड़ा चुनावी दांव: वड़िंग ही रहेंगे प्रदेश अध्यक्ष, चन्नी को कैंपेन की कमान; रंधावा, सिंगला समेत 21 नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी!
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Punjab Hotmail, चंडीगढ़/नई दिल्ली। पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस हाईकमान ने संगठन को मजबूत करने और गुटबाजी पर लगाम लगाने के लिए बड़ा संगठनात्मक फेरबदल किया है।

पार्टी ने सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधते हुए 21 वरिष्ठ नेताओं को विभिन्न चुनावी समितियों और अहम जिम्मेदारियां सौंपी हैं। साथ ही स्पष्ट कर दिया गया है कि अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ही पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बने रहेंगे।
चरणजीत सिंह चन्नी को मिली कैंपेन कमेटी की कमान
पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को चुनाव प्रचार अभियान की कमान सौंपते हुए कैंपेन कमेटी का चेयरमैन बनाया गया है। उनके साथ विधायक सुखपाल सिंह खैहरा, विधायक राणा गुरजीत सिंह और सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी को को-चेयरपर्सन नियुक्त किया गया है।
तीन नए वर्किंग प्रेसिडेंट नियुक्त
कांग्रेस हाईकमान ने संगठन को और मजबूत करने के लिए तीन नए वर्किंग प्रेसिडेंट नियुक्त किए हैं—सुखविंदर सिंह डैनी, राज कुमार वेरका और संगत सिंह गिलजियां।
इलेक्शन मैनेजमेंट कमेटी में बड़े नेताओं को जगह
इलेक्शन मैनेजमेंट एंड को-ऑर्डिनेशन कमेटी में वरिष्ठ नेताओं को शामिल किया गया है। को-चेयरपर्सन बनाए गए: ओपी सोनी, रजिया सुल्ताना, कुलजीत सिंह नागरा, अंगद सिंह सैनी, भारत भूषण आशु। वहीं विजय इंदर सिंगला को इस कमेटी का चेयरमैन बनाया गया है।
मेनिफेस्टो कमेटी की जिम्मेदारी इन नेताओं को
मेनिफेस्टो कमेटी में पार्टी ने अनुभवी नेताओं को जिम्मेदारी दी है।
को-चेयरपर्सन: गुरजीत सिंह औजला, परगट सिंह, हरदयाल सिंह कंबोज, सुखबिंदर सिंह सरकारिया, जबकि डॉ. अमर सिंह को मेनिफेस्टो कमेटी का चेयरमैन बनाया गया है।

सुखजिंदर रंधावा को मिली सबसे अहम जिम्मेदारी
पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा को कांग्रेस की कोर कमेटी का चेयरमैन बनाया गया है। वहीं प्रताप सिंह बाजवा को कांग्रेस विधायक दल (CLP) के नेता पद पर बरकरार रखा गया है।



दिल्ली में 4 बैठकों के बाद बनी रणनीति
पंजाब कांग्रेस के नए संगठनात्मक ढांचे को अंतिम रूप देने से पहले हाईकमान ने लगातार चार अहम बैठकें कीं।
29 मई: राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने पंजाब नेताओं के साथ गुटबाजी पर चर्चा की।
16-18 जून: ऑब्जर्वर कमेटी ने करीब 70 नेताओं से फीडबैक लिया।
21 जून: राहुल गांधी ने पंजाब के प्रमुख नेताओं से अलग-अलग मुलाकात कर चुनावी रणनीति पर चर्चा की।
25 जून: केसी वेणुगोपाल की मौजूदगी में नए संगठनात्मक ढांचे को अंतिम रूप दिया गया।
मालवा, माझा और दोआबा पर खास फोकस
कांग्रेस ने आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश की है। मालवा (69 सीटें): चरणजीत सिंह चन्नी को कैंपेन कमेटी की कमान।
माझा (25 सीटें): सुखजिंदर सिंह रंधावा को कोर कमेटी की जिम्मेदारी।
दोआबा (23 सीटें): राज कुमार वेरका, संगत सिंह गिलजियां और सुखविंदर सिंह डैनी को वर्किंग प्रेसिडेंट बनाकर दलित और एनआरआई वोट बैंक पर फोकस।
कांग्रेस का मानना है कि नए संगठनात्मक ढांचे से पार्टी को चुनावी मजबूती मिलेगी और लंबे समय से चली आ रही अंदरूनी गुटबाजी पर भी काफी हद तक अंकुश लगेगा।
