जालंधर सेंट्रल में फिर बढ़ा रमन अरोड़ा का सियासी कद? पार्टी के फैसले को लेकर हलचल तेज! क्या पार्टी दो नावों की सवारी को तैयार?
Punjab Hotmail Bureau, जालंधर। जालंधर सेंट्रल की सियासत में विधायक रमन अरोड़ा को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं। मौजूदा विधायक अरोड़ा ने 2022 के विधानसभा चुनाव में AAP के टिकट पर जालंधर सेंट्रल सीट जीती थी।

सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि पार्टी स्तर पर रमन अरोड़ा को जालंधर सेंट्रल में फिर से सक्रिय भूमिका देने और आगामी चुनावी रणनीति में उन्हें प्रमुखता देने पर विचार चल रहा है।

हालांकि, पार्टी की ओर से उनकी उम्मीदवारी को लेकर आधिकारिक घोषणा अभी सामने नहीं आई है।
रमन अरोड़ा की सरकारी सुरक्षा को लेकर भी इस साल राजनीतिक चर्चा रही है। मई 2026 में उनकी सुरक्षा वापस किए जाने की खबर सामने आई थी।
नितिन कोहली की भूमिका पर भी नजर
रमन अरोड़ा की सुरक्षा व्यवस्था और उनके दोबारा सक्रिय होने के साथ जालंधर सेंट्रल हलके में आम आदमी पार्टी की अंदरूनी राजनीतिक व्यवस्था भी चर्चा में है। रमन अरोड़ा की गिरफ्तारी के बाद पार्टी ने नितिन कोहली को जालंधर सेंट्रल का हलका प्रभारी बनाया था।
बाद में अरोड़ा की जमानत और राजनीतिक गतिविधियों में वापसी के बाद दोनों के समानांतर सक्रिय रहने को लेकर भी मीडिया में चर्चा हुई थी।मई 2026 में दोनों के बीच मौजूद राजनीतिक परिस्थितियों और सेंट्रल हलके में दो समानांतर राजनीतिक केंद्र बनने की चर्चा रिपोर्ट की थी।
नितिन कोहली अप्रैल 2026 में भी जालंधर सेंट्रल में पार्टी गतिविधियों और विकास कार्यों से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय दिखाई दिए थे।
टिकट को लेकर भी उठ रहे सवाल
अब रमन अरोड़ा की दोबारा सक्रियता के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि आगामी विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी जालंधर सेंट्रल से किस चेहरे को आगे करती है।
क्या मौजूदा विधायक रमन अरोड़ा को ही दोबारा मैदान में उतारा जाएगा या पार्टी हलका प्रभारी नितिन कोहली को कोई जिम्मेदारी देगी—इसका फैसला पार्टी नेतृत्व की ओर से होना बाकी है।
