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जालंधर में विदेश यात्रा कंसल्टेंट पर बड़ा विवाद: बिना लाइसेंस कारोबार के आरोप, पुलिस जांच तेज; जांच सही निकली तो दर्ज हो सकती है FIR!

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Punjab Hotmail, जालंधर। शहर में विदेश यात्रा और इमिग्रेशन सेवाएं देने वाले एक कंसल्टेंट के खिलाफ पुलिस में गंभीर शिकायत दर्ज कराई गई है।

शिकायतकर्ता अमन ने आरोप लगाया है कि संबंधित कंसल्टेंट के पास ट्रैवल एजेंसी या इमिग्रेशन सेवाएं संचालित करने का वैध लाइसेंस नहीं है, इसके बावजूद वह लंबे समय से विदेश भेजने और वीजा संबंधी सेवाएं प्रदान कर रहा है।

शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।

ACP सेंट्रल को सौंपी गई जांच, दस्तावेजों की होगी पड़ताल

मिली जानकारी के अनुसार इस पूरे मामले की जांच एसीपी सेंट्रल राजेश ठाकुर को सौंपी गई है। जांच के दौरान शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों की सत्यता परखी जाएगी।

इसके साथ ही संबंधित कंसल्टेंट के लाइसेंस, दस्तावेज, रिकॉर्ड और अन्य आवश्यक प्रमाणों की भी गहन जांच की जाएगी ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वह कानूनी रूप से इमिग्रेशन या ट्रैवल एजेंसी का संचालन कर रहा था या नहीं।

आरोप सही पाए गए तो दर्ज हो सकता है मामला

सूत्रों के मुताबिक यदि जांच में यह साबित होता है कि संबंधित व्यक्ति बिना आवश्यक सरकारी अनुमति या लाइसेंस के ट्रैवल एजेंसी अथवा इमिग्रेशन सेवाएं चला रहा था, तो उसके खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की जा सकती है।

फिलहाल पुलिस जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है और आगे की कार्रवाई उसी के आधार पर की जाएगी।

सोशल मीडिया पर रोज़ाना वीजा पोस्ट, अब जांच के दायरे में डिजिटल रिकॉर्ड भी

मामले का एक और अहम पहलू संबंधित कंसल्टेंट की सोशल मीडिया गतिविधियां हैं।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि वह प्रतिदिन अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ग्राहकों के वीजा लगने की तस्वीरें और पोस्ट साझा कर खुद को सफल इमिग्रेशन कंसल्टेंट के रूप में प्रचारित कर रहा है।

शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि यदि संबंधित व्यक्ति के पास वैध ट्रैवल एजेंसी या इमिग्रेशन लाइसेंस नहीं है, तो सोशल मीडिया के माध्यम से इस प्रकार की सेवाओं का प्रचार-प्रसार भी जांच का विषय बनता है।

डिजिटल सबूतों की भी होगी जांच

सूत्रों के अनुसार पुलिस जांच के दौरान सोशल मीडिया पर साझा की गई पोस्ट, प्रचार सामग्री और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की भी बारीकी से जांच कर सकती है।

यह भी देखा जाएगा कि संबंधित कंसल्टेंट किन दस्तावेजों और किस कानूनी आधार पर विदेश भेजने तथा वीजा लगवाने जैसे दावे कर रहा था। फिलहाल पूरा मामला जांच के अधीन है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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