दलाल स्ट्रीट में धमाकेदार तेजी: सेंसेक्स उछला, निफ्टी में बढ़त पर रुपया हुआ कमजोर, सोना-चांदी चमके
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पंजाब हॉटमेल, नई दिल्ली/मुंबई। भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को शानदार शुरुआत करते हुए निवेशकों में नई ऊर्जा भर दी। बीएसई सेंसेक्स 885.32 अंकों की जोरदार बढ़त के साथ 74,953.77 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 307.65 अंक चढ़कर 23,220.05 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।

शुरुआती कारोबार में बाजार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली।हालांकि शेयर बाजार में तेजी के बीच रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 20 पैसे कमजोर होकर 93.96 पर आ गया। मुद्रा बाजार में यह गिरावट आयातकों की डॉलर मांग और वैश्विक अनिश्चितताओं के चलते देखी गई।
वैश्विक तनाव के बीच ‘सतर्क आशावाद’
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा तेजी के बावजूद निवेशक पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं। बैंकिंग और मार्केट एक्सपर्ट अजय बग्गा के अनुसार, अगले दिन बाजार अवकाश होने के कारण निवेशक मुनाफावसूली कर सकते हैं और अस्थिरता बनी रह सकती है।
उन्होंने कहा कि इस्राइल और ईरान के बीच जारी मिसाइल हमले और अमेरिका की क्षेत्र में बढ़ती सैन्य तैनाती ने बाजार को संवेदनशील बना दिया है। फिलहाल निवेशक बयानों से ज्यादा जमीनी हकीकत और ठोस प्रगति पर नजर रख रहे हैं।
एशियाई बाजारों में तेजी, अमेरिका में दबाव
वैश्विक संकेतों की बात करें तो एशियाई बाजारों में मजबूती दर्ज की गई—जापान का निक्केई 225 करीब 2.20% उछलाताइवान का सूचकांक 2.68% बढ़ादक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.60% चढ़ा, हांगकांग और सिंगापुर के बाजारों में भी हल्की तेजी, वहीं, अमेरिकी बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुए।
डाउ जोन्स, एसएंडपी 500 और नैस्डैक में कमजोरी देखने को मिली, जिससे वैश्विक निवेशकों की सतर्कता झलकती है।
कच्चे तेल में राहत, सोना-चांदी में जोरदार उछाल
कमोडिटी बाजार में ब्रेंट क्रूड 4.78% गिरकर 99 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जिससे तेल आयातक देशों को राहत मिली है।दूसरी ओर, सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में सोना और चांदी में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई—24 कैरेट सोना 3.37% बढ़कर ₹1,43,600 प्रति 10 ग्रामचांदी 4.82% उछलकर ₹2,34,542 प्रति किलोग्राम।
आगे क्या रहेगा बाजार का रुख?
विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार फिलहाल उम्मीद और अनिश्चितता के बीच संतुलन साधे हुए है। संभावित युद्धविराम की खबरों ने निवेशकों को राहत दी है, लेकिन ईरान द्वारा बातचीत से इनकार ने स्थिति को जटिल बना दिया है।
आने वाले दिनों में भू-राजनीतिक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों का रुख बाजार की दिशा तय करेंगे। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।
