Health से खिलवाड़: देशभर की इन 181 Medicines के सैंपल फेल, गुणवत्ता में खरी नहीं उतरीं Punjab में निर्मित नौ दवाएं, 46 हिमाचल की
सीडीएससीओ के ड्रग अलर्ट में 53 और स्टेट में 128 दवाओं की गुणवत्ता में कमी
सर्दी, खांसी, जुकाम, एलर्जी व दर्द निवारण में प्रयोग होने वाली दवाओं में कमी
पंजाब हॉटमेल, चंडीगढ़/जालंधर/नई दिल्ली। केंद्रीयऔषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) व स्टेट डूग अथारिटी ने शुक्रवार को ड्रग अलर्ट जारी किया। इसमें कहा गया कि पंजाब की चार सहित देशभर की 181 दवाएं गुणवत्ता की कसौटी पर खरी नहीं उतरी हैं।

इनमें सर्दी, खांसी, जुकाम, एलर्जी व दर्द निवारण के लिए प्रयोग होने वाली दवाएं शामिल हैं। इनमें से 46 दवाओं का उत्पादन हिमाचल के उद्योगों में हुआ है।सीडीएससीओ के अलर्ट में 53 दवाओं के सैंपल फेल हुए, जिनमें कैल्शियम कार्बोनेट 500 एमजी, विटामिन बी काम्प्लेक्स, रेबप्रजोल, पेंटापरोजोल, जिंक सल्फेट, सोडियम क्लोराइड इंजेक्शन, एल्बेंडाजोल इंजेक्शन, अजीथ्रोमिसिन, अमोक्सीलिन प्रमुख हैं।
इन 53 दवाओं मेंहिमाचल की 20 हैं। स्टेट ड्रग अथारिटी ने देशभर की 128 दवाओं की गुणवत्ता सही नहीं पाई। इसमें हिमाचल में बनी 26 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं।
सीडीएससीओ ने सभी राज्यों के दवा नियंत्रकों को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अधिकतर दवाओं में धूल के कण पाए गए हैं। मिस ब्रांडेड यानी लेवल में भी गलतियां मिली हैं। बताई मात्रा के अनुरूप भी दवा में सामग्री नहीं डाली है।
इन राज्यों की दवाओं के सैंपल हुए फेल
सीडीएससीओ के अलर्ट में हिमाचल की 20, उत्तराखंड की आठ, गुजरात की पांच, मध्य प्रदेशव पंजाब की चार-चार, बंगाल, हरियाणा, राजस्थान, सिक्किम व महाराष्ट्र की दो-दो और उत्तर प्रदेश व तमिलनाडु की एक-एक दवा शामिल है।
स्टेट ड्रग अलर्ट में हिमाचल की 26, गुजरात व उत्तराखंड की 15-15, महाराष्ट्र की नौ, मध्य प्रदेश व तमिलनाडु की सात-सात, तेलंगाना, पुडुचेरी व हरियाणा की छह-छह, पंजाब की पांच, बंगाल की चार, गोवा व दिल्ली की तीन-तीन, कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर व चंडीगढ़ की दो-दो और छत्तीसगढ़, राजस्थान व आंध्र प्रदेश की एक-एक दवा शामिल है।