US-Israel संयुक्त हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत! 40 दिन का राष्ट्रीय शोक; बदले की चेतावनी से मध्य-पूर्व में बढ़ा तनाव
खामेनेई का पूरा परिवार और सैन्य नेतृत्व के मारे जाने की भी खबरें, अमेरिका-इसरायल को दी थी खुली धमकी; रूस-चीन का रुख स्पष्ट नहीं!
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पंजाब हॉटमेल, नई दिल्ली/तेहरान/अमेरिका (एजेंसी)। मध्य-पूर्व की राजनीति में बड़ा भूचाल तब आया जब ईरानी राज्य मीडिया ने दावा किया कि अमेरिका और इस्राइल के संयुक्त सैन्य हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei की मौत हो गई है।

86 वर्षीय खामेनेई कथित रूप से शनिवार को हुए हमले में मारे गए। इस घटना के बाद ईरान में 40 दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है। हालांकि हमले की सटीक परिस्थितियों और आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय पुष्टि को लेकर अभी भी अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं।

ईरानी सरकारी टेलीविजन और आधिकारिक समाचार एजेंसियों ने खामेनेई के निधन की सूचना दी, लेकिन हमले के विस्तृत सैन्य विवरण साझा नहीं किए।
रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया कि हमलों में उनके परिवार के कई सदस्य — जिनमें बेटी, पोते, बहू और दामाद शामिल बताए जा रहे हैं — की भी मौत हुई। इन दावों की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय पुष्टि फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
ट्रंप की प्रतिक्रिया और अमेरिकी रुख
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए खामेनेई की मौत को “ईरान के लोगों के लिए नई संभावना” बताया।

उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर पहले से चल रहे दबाव का जिक्र करते हुए सैन्य कार्रवाई को सही ठहराया और संकेत दिया कि क्षेत्र में अभियान आगे भी जारी रह सकता है।
ईरान की चेतावनी: बदला होगा
ईरान की ताकतवर सैन्य इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर “विनाशकारी जवाब” देने की चेतावनी जारी की है।
ईरानी नेतृत्व ने इसे “खुला युद्ध” करार देते हुए कहा है कि इस हमले का जवाब समय और स्थान चुनकर दिया जाएगा। इससे खाड़ी क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैन्य अड्डों और सहयोगी देशों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
खामेनेई का राजनीतिक सफर
अली खामेनेई ने 1989 में इस्लामी गणराज्य के संस्थापक Ruhollah Khomeini के निधन के बाद सुप्रीम लीडर का पद संभाला था। 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद स्थापित शासन व्यवस्था में सुप्रीम लीडर को देश की सेना, न्यायपालिका, विदेश नीति और प्रमुख संस्थाओं पर सर्वोच्च अधिकार प्राप्त होता है।
तीन दशकों से अधिक समय तक खामेनेई ईरान की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय नीति के केंद्रीय निर्णायक रहे।
सैन्य नेतृत्व पर भी असर
रिपोर्टों के अनुसार हमलों में ईरान के कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के भी मारे जाने की खबर है। इनमें IRGC से जुड़े उच्च पदस्थ अधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि इन नामों और विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि अभी प्रतीक्षित है। यदि ये दावे सही साबित होते हैं तो यह ईरान के सैन्य ढांचे के लिए बड़ा झटका माना जाएगा।
देश के भीतर मिली-जुली प्रतिक्रिया
कुछ रिपोर्टों में ईरान के कुछ हिस्सों में विरोध और जश्न के दृश्य सामने आने का भी दावा किया गया है। ईरानी मूल की एक्टिविस्ट Masih Alinejad ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए इसे “नई शुरुआत” बताया।
हालांकि देश के अन्य हिस्सों में शोक और आक्रोश का माहौल बताया जा रहा है।
वैश्विक असर और अनिश्चित भविष्य
यह घटनाक्रम केवल ईरान तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे मध्य-पूर्व और वैश्विक सुरक्षा पर असर डाल सकता है। तेल बाजार, अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और क्षेत्रीय गठबंधनों पर इसके व्यापक प्रभाव की आशंका जताई जा रही है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि ईरान का अगला सर्वोच्च नेता कौन होगा और क्या यह संकट व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष का रूप लेगा। दुनिया भर की नजरें अब तेहरान, वॉशिंगटन और तेल अवीव की अगली रणनीतिक चाल पर टिकी हैं।
