CM भगवंत मान के कथित वीडियो मामले में ED की कार्रवाई! लुधियाना के पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा से पूछताछ
गुरुग्राम में कथित फर्जी FSL रिपोर्ट और ₹10 लाख की रिश्वत के आरोपों की जांच, दो आरोपी पहले ही गिरफ्तार
पंजाब हॉटमेल ब्यूरो, चंडीगढ़/लुधियाना। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के कथित वीडियो से जुड़े विवाद में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जांच तेज कर दी है।

लुधियाना के पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा सोमवार को ED के कार्यालय में पेश हुए, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। मामला गुरुग्राम में कथित तौर पर फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की रिपोर्ट तैयार कराने में गड़बड़ी और रिश्वत के आरोपों से जुड़ा है।
इस मामले में गुरुग्राम पुलिस द्वारा दर्ज FIR के आधार पर ED वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। अब तक दो लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
4 पॉइंट में समझें पूरा मामला
- 1️⃣ अकाल तख्त साहिब में CM के खिलाफ शिकायत4 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ एक कथित वीडियो को लेकर अकाल तख्त साहिब में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में गोलक को लेकर टिप्पणी करने और सिख गुरुओं की तस्वीरों के सामने कथित आपत्तिजनक गतिविधियों के आरोप लगाए गए थे। 16 जनवरी को मुख्यमंत्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश हुए और वीडियो को AI से तैयार तथा एडिटेड बताते हुए फर्जी होने का दावा किया।
- 2️⃣ वीडियो की प्रामाणिकता को लेकर अलग-अलग दावे15 जून 2026 को अकाल तख्त साहिब की ओर से स्वतंत्र लैब की जांच के आधार पर वीडियो से छेड़छाड़ नहीं होने की बात सामने आई। इसके विपरीत, 18 जून को पंजाब सरकार ने गुरुग्राम की दो प्रयोगशालाओं की रिपोर्ट का हवाला देते हुए वीडियो को फर्जी और AI जनित बताया। वीडियो की प्रामाणिकता को लेकर अलग-अलग दावों के बीच विवाद बढ़ गया।
- 3️⃣ गुरुग्राम में कथित रिश्वत और फर्जी रिपोर्ट का मामलागुरुग्राम पुलिस की जांच में आरोप लगाया गया कि लुधियाना के पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा ने गुरुग्राम के होटल क्राउन प्लाजा में बिचौलियों से मुलाकात की थी। आरोप है कि वीडियो को फर्जी साबित करने वाली कथित मनगढ़ंत साइबर/फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार कराने के लिए ₹10 लाख के लेनदेन की साजिश रची गई। इस मामले में गुरुग्राम पुलिस ने अरुण मेहरूंदू और अंकित नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
- 4️⃣ ED ने मनी ट्रेल की जांच शुरू कीगुरुग्राम पुलिस की FIR के आधार पर ED ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA), 2002 की धारा 50 के तहत वित्तीय जांच शुरू की है। एजेंसी कथित ₹10 लाख के लेनदेन के स्रोत और उससे जुड़े वित्तीय नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। इसी सिलसिले में स्वप्न शर्मा को 12 अक्टूबर 2026 को समन भेजा गया था और सोमवार को वह ED के समक्ष पेश हुए।
अब जांच के दायरे में क्या?
ED की जांच का मुख्य केंद्र कथित रिश्वत की रकम का स्रोत, वित्तीय लेनदेन और फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार कराने में शामिल लोगों की भूमिका है। मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी।
