CIA एजेंट बनकर रचा अरबों का खेल! भारतवंशी कारोबारी पर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति तक पहुंच बनाकर डिफेंस डील में धोखाधड़ी का आरोप?
वॉशिंगटन/जकार्ता। भारतीय मूल के कारोबारी गौरव श्रीवास्तव पर गंभीर आरोप लगे हैं कि उन्होंने खुद को अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA का अधिकारी बताकर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो और कई शीर्ष अधिकारियों का भरोसा जीता।

OCCRP की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने अरबों डॉलर की रक्षा परियोजनाओं का झांसा देकर इंडोनेशिया की सरकार तक पहुंच बनाई और कथित तौर पर फर्जी शेल कंपनियों के जरिए रक्षा सौदों में अपनी कंपनियों को शामिल कराया।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इन प्रस्तावित सौदों में F-15 लड़ाकू विमान, ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर, C-130 विमान और सैन्य कमांड सिस्टम जैसी बड़ी परियोजनाएं शामिल थीं।
रिपोर्ट के मुताबिक, गौरव श्रीवास्तव ने यह भी दावा किया था कि उन्होंने 2002 बाली बम धमाकों के आरोपियों की पहचान में मदद की थी और राष्ट्रपति प्रबोवो का नाम अमेरिकी इमिग्रेशन ब्लैकलिस्ट से हटवाने में भी भूमिका निभाई थी।
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उनके पूर्व कारोबारी साझेदार द्वारा अमेरिका की अदालतों में दायर दीवानी मुकदमों में आरोप लगाया गया है कि श्रीवास्तव ने CIA से जुड़े होने का झूठा दावा कर प्रभावशाली लोगों का विश्वास हासिल किया।
वहीं, श्रीवास्तव के खिलाफ अमेरिका में धोखाधड़ी से जुड़े मामलों की सुनवाई जारी है। इन आरोपों पर उनकी ओर से सार्वजनिक रूप से क्या जवाब दिया गया है, यह स्पष्ट नहीं है।
