मुख्यमंत्री भगवंत मान ने वरिष्ठ पत्रकार और लेखक मेहर मलिक को स्टेट अवार्ड से सम्मानित किया
1975 से पंजाब के अलग-अलग अखबारों में काम कर चुके मेहर मलिक
Punjab Hotmail, जालंधर। वरिष्ठ पत्रकार और लेखक मेहर मलिक को पंजाब सरकार की ओर से फिरोजपुर में 15 अगस्त को आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान 1970 से अब तक पंजाब के अलग-अलग अखबारों में पत्रकारिता और लेखन के माध्यम से मातृभाषा पंजाबी की सेवा करने के चलते मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की ओर से दिया गया।

मेहर मलिक अब तक पंजाबी में 7 किताबें लिख चुके हैं। इनके माध्यम से उन्होंने मातृभाषा पंजाबी की सेवा करते हुए बेहतरीन रचनाएं पाठकों तक पहुंचाई हैं, जिन्हें अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर काफी सराहना भी मिली है।
उनकी पहली किताब 2016 में ‘जिउंदे जी रंडेपा’, 2018 में ‘चन्नण लागी’, 2019 में ‘भोली दा करवाचौथ’, 2021 में ‘वेसवा’, 2023 में ‘पंजेबां’ और 2025 में ‘मैं किहा सी ना…’ प्रकाशित हो चुकी हैं। इसके अलावा कई अन्य किताबें भी प्रकाशित होने जा रही हैं। इस दौरान मेहर मलिक की ओर से मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को अपनी किताबें भी भेंट की गईं।

इससे पहले जालंधर प्रशासन की ओर से 26 जनवरी 2025 को मीडिया क्षेत्र में दिए योगदान के लिए उन्हें जिला स्तरीय अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है।
मेहर मलिक ने कहा कि उन्होंने अपनी किताबों के माध्यम से पंजाब के उन शब्दों को सामने लाया है, जिन्हें आज लोग भूलते जा रहे हैं। इनमें पंजाब की समृद्ध विरासत और पंजाब के गांवों की संस्कृति की झलक मिलती है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक दौर में लोग पंजाबी भाषा और गांवों से दूर होते जा रहे हैं, लेकिन आज भी पंजाब की असली झलक गांवों से ही दिखाई देती है। इसलिए हमें अपनी मिट्टी और भाषा दोनों से जुड़कर रहना चाहिए।
उन्होंने बताया कि वह आज भी पंजाब के अलग-अलग अखबारों में अपने लेख लिखते हैं।
