बड़ी खबर: illegal कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने वालों को हाईकोर्ट ने दिया झटका, सरकार की याचिका पर सुनवाई; अब नहीं होगी रजिस्ट्री… पढ़ें
पंजीकरण पर रोक हटाने की पंजाब सरकार की मांग हाईकोर्ट ने अस्वीकार की
पंजाब हॉटमेल, चंडीगढ़। Illegal कॉलोनियों में बिना NOC और बिल्डर के लाइसेंस के अब प्लॉटों की रजिस्ट्री 16 सितंबर तक तक नहीं होगी। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस शील नागू पर आधारित खंडपीठ ने पंजीकरण पर रोक हटाने की पंजाब सरकार की अर्जी पर किसी न भी प्रकार की तत्काल राहत से फिलहाल इन्कार कर दिया है।

लुधियाना निवासी प्रेम प्रकाश ने याचिका दाखिल करते हुए बताया कि 12 दिसंबर, 2019 को सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी कर एनओसी की बाध्यता हटा दी थी। इसे पंजाब अपार्टमेंट एंड प्रॉपर्टी रेगुलेशन एक्ट के तहत अवैध कॉलोनियों को पंजीकृत करने पर पाबंदी थी।
2014 और फिर बाद में 2018 में वन टाइम सेटलमेंट स्कीम के तहत अवैध कॉलोनियों को पंजीकृत करने के सरकार ने निर्देश जारी किए थे। यह तय किया गया था कि सब-रजिस्ट्रार ऐसी किसी संपत्ति को पंजीकृत नहीं करेंगे जिसकी एनओसी नहीं होगी।

याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने आदेश पर रोक लगा दी थी। मामला काफी समय से विचाराधीन था। इसी बीच गत वर्ष सरकार ने फिर से एक नोटिफिकेशन जारी करते हुए एनओसी की बाध्यता कुछ शर्तों के साथ हटा दी।
याची ने कहा कि इस प्रकार तो अवैध कालोनियों की पंजाब में बाढ़ आ जाएगी। बता दें कि सीएम भगवंत मान के अनुसार पंजाब में करीब 30 हजार अवैध कॉलोनियां हैं।
एक्ट के तहत ही हो पाएगी रजिस्ट्री
याची ने कहा कि जबसे सरकार ने यह नोटिफिकेशन जारी किया है तब से अभी तक अवैध कालोनियों में मौजूद हजारों प्लॉट, अपार्टमेंट व फ्लैट्स की रजिस्ट्री हो चुकी है।
याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि याचिका लंबित रहते पंजाब सरकार द्वारा पंजाब अपार्टमेंट एंड प्रॉपर्टी रेगुलेशन एक्ट में किए गए संशोधन पर रोक लगाई जाए।
हाईकोर्ट ने याचिका पर पंजाब के मुख्य सचिव को हलफनामा दाखिल करने का आदेश देते हुए यह स्पष्ट किया कि जो भी रजिस्ट्री पंजाब में होगी वह पंजाब अपार्टमेंट एंड प्रॉपर्टी रेगुलेशन एक्ट के तहत ही होगी।