NOC के साथ नोटिस भी नकली: MLA-ATP-Police की तिकड़ी, कमिश्नर के आदेश पर भी FIR नहीं करते थे अधिकारी-थाना प्रभारी; आ रही शिकायतें
जिनको लूटा वो सामने आ रहे, बड़े लोगों ने नोटिस से डरकर विधायक को लाखों पैसा दिया अब विजिलेंस की रडार पर; एक-एक कर खुल रही फाइलें
समधी मदान के दफ्तर में लगातार विजिलेंस की रेड, राजदार पीए और रिश्तेदारों से रोज पूछताछ; एटीपी गया जेल!
मनमोहन सिंहपंजाब हॉटमेल, जालंधर। Vigilance bureau Investigation in Write track on AAP MLA Raman Arora Case) सिटी के सबसे करप्ट धन-प्रतिनिधि रमन अरोड़ा का डर कहें या अफसरों का लालच, वेस्ट और सेंट्रल एरिया के साथ अन्य इलाकों में आम लोगों को इतना लूटा है कि अब खुलकर शिकायतें होने लगीं हैं। जिन बड़ी बिल्डिंगों, मॉल्स, होटल, रेस्टोरेंट और कॉमर्शियल इमारतों को नकली नोटिस और NOC जारी की गई उनकी हालत खराब है। लाखों रुपए दिए और अब सरकारी फीस भी देनी पड़ेगी।

विधायक के नोटिस पर लाखों रुपए देकर निर्माण तो करवा लिया पर लेकिन विजिलेंस की रडार में आ गए। अब सरकारी रेवेन्यू बसूला जाएगा जो अवैध निर्माण किया था और फर्जी एनओसी से निर्माण करवाया उसपर बिच भी चल भी सकती है। MLA-ATP-Police की तिकड़ी, जो निगम कमिश्नर के आदेश पर भी FIR नहीं करते थे अधिकारी-थाना प्रभारी, विधायक का साथ देने वाले अफसरों की कुंडली निकाली है।
सूत्रों से पता चला है कि होशियारपुर रोड पर 12 क़िले ज़मीन की फाइल खुल गई है चीनी वाले की। वहीं मिठाई वाला है जो विधायक का खास है। अब मामला रामामंडी के वजीर एन्क्लेव से सामने आया है। यहां एक कपड़ों के शोरूम मालिक ने शोरूम बड़ा करने की प्लानिंग की थी लेकिन इलाका रिहायशी होने के कारण नगर निगम से अनुमति मिलना संभव नहीं था। फिर भी नकली एनओसी पर निर्माण किया गया था।

विजीलैंस ने रविवार को भी विधायक रमन अरोड़ा के समधी राजू मदान के दफ्तर में रेड की। हालांकि राजू मदान नहीं मिला लेकिन विजीलैंस की टीम अपनी सारी जांच करके वापस लौटी। इससे पहले भी राजू मदान के घर विजीलैंस रेड कर चुकी है लेकिन रमन अरोड़ा की गिरफ्तारी के बाद वह फरार है। साड़ी कारोबारी का भी राज बहुत जल्द खुलने वाला है।
विधायक से जुड़े रिश्तेदार और साथी घर और दुकानें बंद कर अंडर ग्राउंड हो गए हैं। पीए को शहर न छोड़ने को कहा है और लगातार पूछताछ की जा रही हैं। विधायक और करीबियों की सांसें लगातार फूल रही हैं और रोज नए नए खुलासे हो रहे हैं।
विधायक व एटीपी में तू-तू-मैं-मैं, हवालात में पलंग मांगी
विधायक को शनिवार रात पता चला कि एटीपी के इकबालिया जुर्म के बाद उस पर एक्शन हुआ तो विधायक लाल हो गए थे। एटीपी और विधायक के बीच तू-तू-मैं-मैं होनी शुरू हो गई, लेकिन विजिलेंस ने दोनों को साइड पर किया। एटीपी बोले-खुद पैसे लेता था, सच ही तो बताया था। इसके बाद एटीपी को थाना-4 तो विधायक को थाना नई बारादरी की हवालात में बंद किया गया।

विजिलेंस से जुड़े सूत्र बताते हैं कि विधायक ने हवालात में पलंग की मांग की थी। उनका कहना था कि जमीन के बिस्तर में गर्मी के कारण पंखे की सीधी हवा नहीं लगती है। विधायक के खिलाफ अब सीधे विजिलेंस दफ्तर में उनके सताए लोग आने शुरू हो गए हैं। इन लोगों ने विधायक की पोल खोली है। कैसे उन्हें तंग करने के लिए विधायक ने पावर का इस्तेमाल किया था।

अरोड़ा का राजदार एटीपी सुखदेव वशिष्ठ भेजा गया जेल
जालंधर फाइल पास करने के बदले 30 हजार रुपए मांगने के मामले में गिरफ्तार एटीपी सुखदेव वशिष्ठ को तीन दिन का रिमांड खत्म होने पर रविवार दोपहर कोर्ट में पेश किया गया। विजिलेंस ने कोर्ट में कहा-दस दिन के रिमांड के दौरान जांच से जुड़े पहलू पर जांच पूरी हो चुकी है।
कोर्ट ने एटीपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। एटीपी से मिलने संघ से जुड़े लोग कोर्ट के बाहर खड़े हुए थे। जब विजिलेंस उसे कोर्ट के गेट नंबर-5 से बाहर लेकर आई तो उसने अपने संघ से जुड़े दोस्तों को हाथ हिला कर इशारा किया कि वह जेल जा रहा है।