LPU हिंसा: मिग-23 पर खड़े वायरल शख्स तक पहुंची पुलिस, मंडी से नाबालिग छात्र गिरफ्तार; अब तक 12 काबू!
Punjab Hotmail Bureau, जालंधर। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में हुई हिंसा और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से एक नाबालिग छात्र को गिरफ्तार किया है।

बताया जा रहा है कि आरोपी LPU का ही छात्र है और मंडी जिले का रहने वाला है। उसके पिता मंडी उपायुक्त कार्यालय में अधिकारी के तौर पर तैनात बताए जा रहे हैं।
पुलिस जांच के दौरान सामने आया कि हिंसा के बीच आरोपी की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई थी। तस्वीर में वह विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शित मिग-23 लड़ाकू विमान के ऊपर खड़ा दिखाई दे रहा है, जबकि उसके पीछे आग की लपटें नजर आ रही हैं।
सोशल मीडिया पर इस तस्वीर को लेकर उसे कथित तौर पर ‘हीरो’ के तौर पर प्रचारित किया गया। हालांकि, तस्वीर में दिखाई देने मात्र से उसकी भूमिका या किसी अपराध में संलिप्तता का अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
उसके खिलाफ आरोपों का निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।
मिग-23 और टैंक पर चढ़ने को लेकर अशोक मित्तल ने जताई आपत्ति
हिंसा के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शित मिग-23 लड़ाकू विमान और 1971 के युद्ध में इस्तेमाल किए गए टैंक पर प्रदर्शनकारियों के चढ़ने का मामला भी सामने आया था।
LPU के चांसलर एवं राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सैन्य उपकरणों को परिसर में देश की सेनाओं के सम्मान और युवाओं में प्रेरणा पैदा करने के उद्देश्य से रखा गया है।
उनके अनुसार, हिंसा के दौरान इन पर चढ़कर प्रदर्शन करना सेना और सैनिकों के सम्मान के खिलाफ है।
LPU हिंसा में अब तक 12 गिरफ्तार, ज्यादातर आरोपी छात्र
अशोक मित्तल के अनुसार, LPU हिंसा मामले में अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के नाम आधिकारिक रूप से जारी किए जाएंगे।
उनके मुताबिक, गिरफ्तार लोगों में 2-3 बाहरी व्यक्ति हैं, जबकि बाकी अधिकतर LPU के छात्र बताए जा रहे हैं।
पुलिस हिंसा में शामिल लोगों की पहचान CCTV फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कर रही है। इससे पहले भी कई आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जा चुका है।
जांच के दौरान करीब 40 लोगों की पहचान किए जाने की बात सामने आई है।
नोट: नाबालिग आरोपी की पहचान कानून के तहत सार्वजनिक नहीं की जा रही है। मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
