‘पंजाब में 15 साल में ऐसा बिजली संकट नहीं देखा’, राणा गुरजीत का AAP सरकार पर हमला; बोले- कटों से उद्योग, किसान और आम जनता परेशान!
Punjab Hotmail Bureau, जालंधर। पंजाब में बिजली संकट को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कपूरथला से विधायक राणा गुरजीत सिंह ने आम आदमी पार्टी सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

जालंधर में बातचीत के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार से कोई भी विभाग ठीक ढंग से नहीं संभल रहा और पिछले कुछ वर्षों में पंजाब के हालात जिस स्तर तक पहुंचे हैं, ऐसे हालात कई दशकों में देखने को नहीं मिले।
राणा गुरजीत ने कहा कि पंजाब में बिजली संकट बेहद गंभीर स्थिति में पहुंच गया है। उनके अनुसार पिछले करीब 15 वर्षों में ऐसा संकट पहले कभी नहीं देखा गया।
उन्होंने दावा किया कि लोगों को पर्याप्त बिजली सप्लाई नहीं मिल रही और लगातार अघोषित बिजली कट लगाए जा रहे हैं। उनका कहना था कि इन कटों का सबसे अधिक असर औद्योगिक क्षेत्र पर पड़ रहा है।
उद्योगों के बड़े ऑर्डर प्रभावित होने का दावा
राणा गुरजीत ने कहा कि बिजली की अनियमित सप्लाई के कारण उद्योगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि कई बड़े व्यापारिक संस्थानों और औद्योगिक इकाइयों के महत्वपूर्ण ऑर्डर प्रभावित हुए हैं तथा कई उद्योग बंद होने के कगार पर पहुंच गए हैं।
उन्होंने सरकार से सवाल करते हुए कहा कि यदि उद्योगों को लगातार बिजली कटों का सामना करना पड़ेगा तो उत्पादन कैसे चलेगा और पंजाब में निवेश तथा रोजगार कैसे बढ़ेगा। उन्होंने बिजली संकट के समाधान के लिए सरकार से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
‘किसान रोजाना हजारों रुपये डीजल पर खर्च करने को मजबूर’
किसानों की स्थिति पर राणा गुरजीत ने कहा कि धान की फसल के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध नहीं होने के कारण किसान सिंचाई के लिए डीजल का सहारा लेने को मजबूर हैं।
उन्होंने दावा किया कि कुछ किसान रोजाना करीब 8,000 रुपये तक डीजल पर खर्च कर रहे हैं। उनके अनुसार इससे पहले से ही बढ़ती खेती की लागत किसानों पर और आर्थिक बोझ डाल रही है।
8 से 10 घंटे के अघोषित कटों से आम जनता परेशान
राणा गुरजीत ने कहा कि भीषण गर्मी के बीच घरों में एसी और अन्य बिजली उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ गया है, लेकिन इसके बावजूद लोगों को 8 से 10 घंटे तक के बिजली कटों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगहों पर कट का कोई निश्चित समय नहीं है, जिससे लोगों की दिनचर्या और रात की नींद प्रभावित हो रही है।
उन्होंने कहा कि लंबे समय तक बिजली बंद रहने से लोगों में परेशानी और गुस्सा बढ़ रहा है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि अंधेरे का फायदा उठाकर कुछ इलाकों में लूट और चोरी की घटनाओं में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
‘सरकार को स्थिति पर तुरंत ध्यान देना चाहिए’
राणा गुरजीत ने पंजाब सरकार से बिजली व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त करने और उद्योगों, किसानों तथा आम लोगों को राहत देने की मांग की। उन्होंने कहा कि बिजली संकट केवल घरेलू उपभोक्ताओं की समस्या नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर कृषि, उद्योग, व्यापार और प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।
हालांकि, बिजली कटों की अवधि, औद्योगिक ऑर्डरों पर प्रभाव, डीजल खर्च और चोरी-लूट की घटनाओं को लेकर राणा गुरजीत द्वारा बताए गए आंकड़े/दावे उनके बयान पर आधारित हैं।
