पंजाब में बिजली संकट पर मंत्री का बड़ा बयान: 2 दिन में हालात सुधरने का दावा, केंद्र से 1000 MW बिजली मांगने की बात
Punjab Hotmail Bureau, जालंधर। पंजाब में जारी बिजली संकट के बीच बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने शनिवार को चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि हालात सामान्य होने में अभी 2 दिन का समय लग सकता है।

उन्होंने दावा किया कि पंजाब सरकार केंद्र के लगातार संपर्क में है और केंद्रीय पूल से अपेक्षित बिजली नहीं मिलने के कारण संकट गहराया है।मंत्री ने कहा कि पंजाब के पास कोयले की कमी नहीं है।
राज्य के सरकारी थर्मल प्लांटों में अपनी खदानों से कोयला पहुंच रहा है और उनके पास पर्याप्त स्टॉक है। हालांकि, निजी थर्मल प्लांटों को कोल इंडिया से पर्याप्त कोयला नहीं मिल पाने और कुछ यूनिटों में तकनीकी खराबी के कारण बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है।
उनके अनुसार, तीन यूनिटों में खराबी आई थी, जिनमें से एक को ठीक कर दिया गया है, जबकि दो यूनिट अभी बंद हैं। उम्मीद है कि अगले 24 से 48 घंटे में दोनों यूनिट दोबारा शुरू हो जाएंगी।
केंद्र से 1000 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की मांग
सौंद ने कहा कि पंजाब को केंद्रीय पूल से करीब 2800 मेगावाट का हिस्सा मिलना था, लेकिन करीब 800 मेगावाट कम बिजली मिल रही है। पीक लोड के दौरान यह कमी करीब 1000 मेगावाट तक पहुंच रही है।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल खट्टर को पत्र लिखकर पंजाब को 1000 मेगावाट बिजली उपलब्ध करवाने की मांग की है। साथ ही कोल इंडिया से भी पर्याप्त कोयला उपलब्ध करवाने को कहा गया है।
मंत्री ने कहा कि पंजाब के पास फंड की कमी नहीं है और निजी बिजली खरीद के लिए करीब 2,000 करोड़ रुपये उपलब्ध हैं। उनके मुताबिक मौजूदा समस्या की बड़ी वजह केंद्रीय पूल में पर्याप्त बिजली उपलब्ध नहीं होना है। उन्होंने कहा कि पंजाब के सरकारी थर्मल प्लांटों की सभी यूनिटें लगातार चलाई जा रही हैं।
इंडस्ट्री पर बढ़ा पावर कट का असर
इसी बीच PSPCL ने कैटेगरी-2 फीडरों पर एक बार फिर बिजली कट लगाया है। शनिवार शाम 4:30 बजे से रात 12 बजे तक करीब साढ़े सात घंटे के कट से पंजाब की बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयों के प्रभावित होने की बात कही गई है।
इससे पहले शुक्रवार रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक भी कैटेगरी-2 फीडरों पर कट लगाए गए थे। मंत्री ने बिजली संकट को लेकर हो रही राजनीति पर भी निशाना साधा और कहा कि कोयले व फंड को लेकर गलत जानकारी फैलाई जा रही है।
उन्होंने दावा किया कि सरकार स्थिति सुधारने के लिए केंद्र और संबंधित एजेंसियों के लगातार संपर्क में है।
