मेयर के काम और ढल्ल से नाराज़गी कारण ढहने लगा BJP-कांग्रेस का किला: कई नेताओं ने थामा AAP का दामन, बदलने लगे सियासी समीकरण!
CM के ओएसडी राजबीर घुम्मण ने करवाया शामिल, मेयर धीर और काकू आहलूवालिया ने निभाई अहम भूमिका!
Punjab Hotmail Bureau, जालंधर। विधानसभा चुनाव से पहले जालंधर नॉर्थ हलके में आम आदमी पार्टी ने राजनीतिक पकड़ मजबूत करने का दावा किया है। भाजपा और कांग्रेस से जुड़े कई नेताओं व सामाजिक शख्सियतों ने AAP का दामन थाम लिया।

पार्टी के मुताबिक, ये लोग आम आदमी पार्टी की लोकहितैषी नीतियों और जालंधर नॉर्थ के हलका इंचार्ज एवं मेयर वनीत धीर की कार्यशैली से प्रभावित होकर पार्टी में शामिल हुए हैं।
यह जॉइनिंग मुख्यमंत्री पंजाब के OSD राजबीर सिंह घुम्मण की अगुवाई और जालंधर नॉर्थ के हलका इंचार्ज एवं मेयर वनीत धीर के दिशा-निर्देशों के तहत हुई।

AAP में शामिल होने वालों में सुशील तिवारी प्रमुख नाम हैं। वह पिछले करीब 13 वर्षों से RSS से जुड़े रहे हैं और समाजसेवा के क्षेत्र में विभिन्न जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। वह युवा राष्ट्रीय निर्माण वाहिनी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
इसके अलावा भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे शुभम शर्मा ने भी AAP ज्वाइन की। वह जालंधर नॉर्थ के वार्ड नंबर 24 से चुनाव लड़ चुके हैं। वहीं लंबे समय से भाजपा के समर्थक रहे वरुण शर्मा ने भी आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया।

उन्होंने कहा कि नॉर्थ हलके में वनीत धीर द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों और लोगों से जुड़े मुद्दों को लेकर की जा रही गतिविधियों से प्रभावित होकर उन्होंने यह फैसला लिया।
कांग्रेस को भी झटका लगा है। कांग्रेस से जुड़े रिहान खान ने पार्टी छोड़कर AAP में शामिल होने का ऐलान किया। रिहान खान लंबे समय से कांग्रेस की गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं और यूथ कांग्रेस व NSUI में जिला स्तर पर विभिन्न जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।

इसके अलावा नरेश कुमार, सुखजिंदर सिंह, आशीष शर्मा और मुकेश कुमार ने भी आम आदमी पार्टी का दामन थामा। आशीष शर्मा लंबे समय से भाजपा से जुड़े रहे हैं और जालंधर यूथ क्लब के चेयरमैन के तौर पर सेवाएं दे रहे हैं।
वहीं मुकेश कुमार भी लंबे समय तक भाजपा से जुड़े रहे और पार्टी में विभिन्न पदों पर जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।
इन नेताओं और सामाजिक शख्सियतों के AAP में शामिल होने के बाद पार्टी ने जालंधर नॉर्थ में अपना राजनीतिक आधार और मजबूत होने का दावा किया है।
वहीं कांग्रेस और भाजपा से जुड़े नेताओं का एक साथ AAP में शामिल होना दोनों विपक्षी दलों के लिए राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
