करतार बस हादसे पर BJP का मोर्चा: नौजवान की मौत के बाद CP ऑफिस पहुंचा प्रतिनिधिमंडल, बसों की एंट्री पर कानून बनाने की मांग

पंजाब हॉटमेल, जालंधर। शहर के अलास्का चौक पर करतार बस की चपेट में आने से एक्टिवा सवार डिलीवरी ब्वॉय की मौत के मामले में सियासत गरमा गई है। हादसे के बाद विपक्ष लगातार करतार बस के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है।
इसी कड़ी में भाजपा जिला प्रधान अशोक सरीन हिक्की की अगुवाई में भाजपा कार्यकर्ता पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे और मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस कमिश्नर को मांग पत्र सौंपा।

बसों की शहर में एंट्री पर समय सीमा तय करने की मांग
भाजपा जिला प्रधान अशोक सरीन ने कहा कि शहर में दुकानदारों के ट्रकों की एंट्री को लेकर सुबह से शाम तक नो-एंट्री के नियम लागू हैं, लेकिन ट्रांसपोर्टरों की बसों की शहर में आवाजाही को लेकर ऐसी कोई रोकथाम नहीं है।
अशोक सरीन के मुताबिक, स्टेशन, भगत सिंह चौक समेत शहर के तंग रास्तों में बसों की एंट्री के लिए समय सीमा निर्धारित की जानी चाहिए।
इस पर पुलिस कमिश्नर ने बताया कि ट्रकों की नो-एंट्री के लिए कानून मौजूद है, लेकिन बसों की शहर में एंट्री रोकने के लिए फिलहाल कोई स्पष्ट कानून नहीं है।
बसों की आवाजाही को लेकर बनेगा चार्ट
भाजपा नेताओं के अनुसार, पुलिस कमिश्नर ने शहर में बसों की आवाजाही को लेकर चार्ट तैयार करने और बसों के आने-जाने के लिए समय सीमा निर्धारित करने की बात कही है, ताकि भीड़भाड़ और तंग इलाकों में बड़े वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया जा सके।
बसों की नो-एंट्री के लिए सरकार को भेजा पत्र
पुलिस कमिश्नर की ओर से सरकार को पत्र लिखकर मांग की गई है कि जिस तरह अन्य राज्यों में शहरों में बसों की नो-एंट्री को लेकर नियम बनाए गए हैं, उसी तरह जालंधर में भी बसों की एंट्री को नियंत्रित करने के लिए कानून बनाया जाए। भाजपा नेताओं के मुताबिक, प्रस्तावित नियम सभी बसों पर लागू होना चाहिए।
केडी भंडारी बोले- ‘सत्ता के गरूर को अब रोका जाएगा’
भाजपा नेता केडी भंडारी ने कांग्रेस नेता का नाम लिए बिना कहा कि जो नेता खुद विधानसभा में कानून बनाते हैं, वही कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि “सत्ता के गरूर को अब रोका जाएगा।”
अशोक सरीन ने कहा कि बस हादसे में नौजवान की मौत का यह पहला मामला नहीं है और पहले भी ऐसे हादसे सामने आते रहे हैं। भाजपा ने बसों की आवाजाही को लेकर ठोस नियम बनाने और हादसे के मामले में कार्रवाई की मांग की है।
2-3 दिन में कार्रवाई का आश्वासन
भाजपा नेताओं के अनुसार, पुलिस कमिश्नर ने मामले में 2 से 3 दिन के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब देखना होगा कि हादसे के बाद प्रशासन बसों की शहर में एंट्री को नियंत्रित करने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई को लेकर क्या कदम उठाता है।
