ईडी का बड़ा एक्शन: साइबर ठगी मामले में ₹187.13 करोड़ की संपत्ति कुर्क, आलीशान फार्महाउस और विला भी शामिल!
पंजाब हॉटमेल, जालंधर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के जालंधर आंचलिक कार्यालय ने अवैध कॉल सेंटर के जरिए विदेशी नागरिकों से साइबर धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत ₹187.13 करोड़ की संपत्ति कुर्क की है। कुर्क की गई संपत्तियों में हरियाणा, दिल्ली और गोवा स्थित कई अचल संपत्तियां, आलीशान फार्महाउस और लग्जरी विला शामिल हैं।

ईडी ने यह जांच अमेरिकी एफबीआई से मिली जानकारी और सीबीआई द्वारा बीएनएस-2023 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। आरोप है कि अभियुक्तों ने अमेरिकी नागरिकों को तकनीकी सहायता (टेक सपोर्ट) के नाम पर ठगकर लाखों डॉलर की धोखाधड़ी की।

जांच में सामने आया कि “डिजीकैप्स द फ्यूचर ऑफ डिजिटल” नाम से संचालित अवैध कॉल सेंटर में 36 कर्मचारी काम कर रहे थे। इनमें जिगर अहमद, यश खुराना, इंदरजीत सिंह भाली और निखिल शर्मा शामिल थे, जो जोनी, दक्षय सेठी और गौरव वर्मा के निर्देशन में कार्यरत थे।
आरोप है कि गिरोह अमेरिकी पीड़ितों को आईआरएस (यूएस टैक्स एजेंसी) के नाम पर कार्रवाई का डर दिखाकर उनकी निजी जानकारी हासिल करता था और उन्हें अपनी रकम क्रिप्टोकरेंसी खातों में ट्रांसफर करने के लिए मजबूर करता था। बाद में इस धन को कथित तौर पर ब्लिस इंफ्राप्रॉपर्टीज एलएलपी नामक शेल कंपनी के जरिए अचल संपत्तियों में निवेश किया गया।इससे पहले जनवरी और फरवरी 2026 में ईडी ने पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के 13 ठिकानों पर छापेमारी कर डिजिटल उपकरण, ₹34 लाख की बेहिसाब नकदी और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए थे।
जांच में यह भी सामने आया कि जोनी उर्फ जोनी त्यागी, दक्षय सेठी, राघव सतीहा, निखिल वर्मा, गौरव वर्मा और गौतम ढींगरा ने कथित अपराध से अर्जित धन को हरियाणा, दिल्ली और गोवा में अचल संपत्तियां खरीदने में लगाया। मामले में आगे की जांच जारी है।
