फर्जी IPS बनकर 31.50 लाख की ठगी: DSP, इंस्पेक्टर और हेड कांस्टेबल की नौकरी दिलाने का झांसा, पति-पत्नी गिरफ्तार
जालंधर: जालंधर देहात पुलिस ने पुलिस विभाग में DSP, इंस्पेक्टर और हेड कांस्टेबल की नौकरी दिलाने का झांसा देकर 31.50 लाख रुपये की ठगी करने वाले फर्जी IPS अधिकारी और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है।
आरोपियों की पहचान अनमोल रतन और उसकी पत्नी मनदीप कौर के रूप में हुई है। दोनों को टेक्निकल सर्विलांस की मदद से गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

डीएसपी शाहकोट सरवण सिंह बल और थाना प्रभारी अमन सैनी ने बताया कि 17 जुलाई 2025 को रवीन कौर निवासी गांव बाउपुर बेट, शाहकोट की शिकायत पर थाना शाहकोट में मामला दर्ज किया गया था।
शिकायत के अनुसार आरोपी अनमोल रतन ने खुद को IPS अधिकारी बताकर रवीन कौर को DSP, उसकी भतीजी संदीप कौर को इंस्पेक्टर और भाई हरदीप सिंह को हेड कांस्टेबल भर्ती कराने का झांसा देकर 31.50 लाख रुपये ठग लिए थे।
मामला दर्ज होने के बाद आरोपी लगातार ठिकाने और मोबाइल नंबर बदलकर फरार होता रहा। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी ने अपने पिता बलजीत सिंह के बैंक खाते में 3 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे, जिसके आधार पर पुलिस ने 23 जून 2026 को उसके पिता को गिरफ्तार कर कपूरथला जेल भेज दिया था।
इसके बाद गठित विशेष टीमों और टेक्निकल सेल की मदद से 8 जुलाई को अनमोल रतन और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने IPS अधिकारी के नकली पहचान पत्र और फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों को सरकारी नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी की।
उसने अन्य लोगों के साथ भी धोखाधड़ी करने की बात कबूल की है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक लैपटॉप, मोबाइल फोन, फर्जी आईडी कार्ड और कई नकली दस्तावेज बरामद किए हैं।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि ठगी की रकम में से 17 लाख रुपये शाहकोट स्थित एक रेडीमेड कपड़ों की दुकान में निवेश किए गए, जिसे उसका करीबी रिश्तेदार चला रहा है।
इसके अलावा सियाज़ कार खरीदने में 1.10 लाख रुपये और नकोदर में कोठी खरीदने के लिए 10 लाख रुपये खर्च किए गए। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है और इस गिरोह से जुड़ी अन्य ठगी के मामलों का भी खुलासा होने की संभावना है।
