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भोगपुर हाईवे फिर बना मौत का रास्ता: कुछ घंटों में दो भीषण हादसे, मां-बेटी की दर्दनाक मौत, पति-पत्नी गंभीर घायल

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Punjab Hotmail, जालंधर। जालंधर-पठानकोट नेशनल हाईवे पर स्थित भोगपुर क्षेत्र एक बार फिर सड़क हादसों को लेकर चर्चा में है। रविवार को महज कुछ घंटों के भीतर हुए दो अलग-अलग हादसों ने हाईवे की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

पहले हादसे में एक तेज रफ्तार बस ने मोटर रेहड़े को टक्कर मार दी, जिससे मां और बेटी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरी बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई।

वहीं दूसरे हादसे में एक कार अनियंत्रित होकर पुलिया से जा टकराई, जिसमें पति-पत्नी बुरी तरह घायल हो गए।सुबह करीब 4:22 बजे चावला स्वीट्स के सामने सड़क पार कर रहे मोटर रेहड़े को एक अज्ञात तेज रफ्तार बस ने टक्कर मार दी।

हादसा इतना भयावह था कि रेहड़े पर सवार पिंकी और उनकी बेटी योइदा ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि दूसरी बेटी अबीदा गंभीर रूप से घायल हो गई।

सड़क सुरक्षा फोर्स (SSF) की टीम ने तत्काल घायल बच्ची को अस्पताल पहुंचाया, जबकि बस चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

इसी दिन दोपहर करीब 3:58 बजे बैंक ऑफ इंडिया और एचपी पेट्रोल पंप के पास एक सेंट्रो कार अचानक नियंत्रण खो बैठी और सड़क किनारे बनी पुलिया की दीवार से जा टकराई।

हादसे में हरप्रीत सिंह और उनकी पत्नी सुखवीर कौर गंभीर रूप से घायल हो गए। एसएसएफ टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों को अस्पताल में भर्ती करवाया और क्षतिग्रस्त वाहन को हटाकर यातायात बहाल कराया।

हाईवे पर नहीं स्पीड कंट्रोल बोर्ड, बढ़ रहा हादसों का खतरा

स्थानीय लोगों का कहना है कि जालंधर-भोगपुर हाईवे पर लगातार हो रहे हादसों की बड़ी वजह स्पीड कंट्रोल संकेतकों और चेतावनी बोर्डों की कमी है। कई गांवों और आबादी वाले क्षेत्रों के बावजूद वाहन चालक तेज गति से गुजरते हैं।

लोगों ने मांग की है कि ब्लैक स्पॉट क्षेत्रों में ट्रैफिक लाइट्स, स्पीड ब्रेकर और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं ताकि हादसों पर अंकुश लगाया जा सके। रोड सेफ्टी कमेटी की बैठकों में बार-बार मुद्दा उठने के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।

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