Breaking: छात्रों के विरोध के बाद CBSE झुका, पुनर्मूल्यांकन फीस में बड़ी कटौती, ऐसे होगा फायदा! OSM पर रार?
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Punjab Hotmail, नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 12वीं के छात्रों को बड़ी राहत देते हुए पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया की फीस में भारी कटौती कर दी है।

छात्रों और अभिभावकों के लगातार विरोध के बाद बोर्ड ने स्कैन कॉपी, नंबर वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन की फीस कम करने का फैसला लिया है। अब यदि किसी छात्र के पुनर्मूल्यांकन में एक अंक भी बढ़ता है, तो जमा की गई पूरी फीस वापस कर दी जाएगी।
अब इतने कम पैसे में मिलेगी स्कैन कॉपी और री-चेकिंग
CBSE के अनुसार अब उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी पाने के लिए छात्रों को 700 रुपए की बजाय केवल 100 रुपए देने होंगे। वहीं अंकों के सत्यापन यानी री-टोटलिंग की फीस भी 500 रुपए से घटाकर 100 रुपए कर दी गई है।
किसी सवाल की दोबारा जांच कराने के लिए अब प्रति प्रश्न सिर्फ 25 रुपए देने होंगे, जबकि पहले इसके लिए 100 रुपए वसूले जाते थे।
शिक्षा सचिव संजय कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि छात्र 19 से 22 मई के बीच स्कैन कॉपी प्राप्त कर सकते हैं। इसके बाद 26 से 29 मई के बीच वे वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकेंगे।
OSM सिस्टम पर उठे सवाल, बोर्ड ने दी सफाई
इस बार CBSE ने पहली बार ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम लागू किया था, जिसके बाद कई छात्रों ने कम अंक आने की शिकायत की। हालांकि शिक्षा सचिव ने साफ किया कि मार्किंग स्कीम में कोई बदलाव नहीं किया गया था।
पहले शिक्षक कागज़ पर नंबर देते थे, जबकि इस बार स्कैन कॉपियों को कंप्यूटर स्क्रीन पर जांचा गया।
उन्होंने बताया कि करीब 98 लाख उत्तर पुस्तिकाओं में से 13 हजार से ज्यादा कॉपियों की स्कैनिंग हल्की स्याही के कारण साफ नहीं हो सकी, जिसके बाद उन्हें मैनुअली जांचा गया।
बोर्ड ने माना कि हल्के पेन, सर्वर स्लो होने, इंटरनेट कनेक्टिविटी और शिक्षकों के लिए लंबे समय तक स्क्रीन पर काम करना बड़ी चुनौतियां रहीं।
विदेशों की तर्ज पर बदलाव की तैयारी
बोर्ड ने माना कि विदेशों में स्कैनिंग को आसान बनाने के लिए केवल काली स्याही वाले पेन का इस्तेमाल अनिवार्य किया जाता है।
साथ ही तकनीकी गड़बड़ी होने पर कॉपियों की दोबारा स्कैनिंग और जरूरत पड़ने पर मैनुअल जांच की व्यवस्था होती है। अब भारत में भी ऐसी व्यवस्थाओं पर विचार किया जा रहा है।
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले NEET पेपर लीक, फिर CBSE 12वीं के छात्रों को OSM सिस्टम की वजह से कम अंक और अब कक्षा 9 में नई भाषा नीति—इन सभी मामलों में छात्र परेशान हुए हैं।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था लगातार संकट में है और सरकार छात्रों की समस्याओं को संभालने में विफल रही है।
