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ऑस्ट्रेलिया से लौटे 11 पंजाबी: डिपोर्ट होकर घर पहुंचे, परिवारों में खुशी-मायूसी; बड़े ट्रेवल एजेंट Police की रडार पर!

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पंजाब हॉटमेल, चंडीगढ़/लुधियाना। ऑस्ट्रेलिया से डिपोर्ट किए गए 15 भारतीयों में से 11 पंजाब के युवाओं को वीरवार को पुलिस ने सुरक्षित उनके परिजनों के हवाले कर दिया। यह सभी लोग चार्टर फ्लाइट के जरिए भारत लाए गए थे।

लौटने वालों में जसवंत सिंह, अंगेज सिंह, सतिंदरजीत सिंह, गुरप्रीत सिंह, जगजीत सिंह, जसप्रीत सिंह, निर्मल सिंह, श्रुति शर्मा, रणजीत सिंह, हरप्रीत सिंह और गगनदीप सिंह शामिल हैं।

डिपोर्टेशन के बाद जालंधर, अमृतसर, लुधियाना और मोहाली जैसे बड़े शहरोंके ट्रैवल एजेंट प्रशासन और पंजाब पुलिस की रडार पर हैं। पुलिस रिपोर्ट होने वालों से मानव तस्करी का धंधा करने वाले ट्रैवल एजेंट की जानकारी हासिल कर रहे हैं। पूरे देश में कबूतरबजी का काम पंजाब में सर्वाधिक है और बाहर भेजने के नाम पर लाखों रुपए लेकर वहां मरने के लिए छोड़ दिया जाता है।

कानूनी मामलों में फंसे, डिपोर्ट का फैसला

जानकारी के मुताबिक, इन लोगों पर ऑस्ट्रेलिया में वीजा नियमों के उल्लंघन और कुछ मामलों में आपराधिक आरोप लगे थे, जिसके चलते ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने उन्हें वापस भेज दिया।

समराला के रणजीत सिंह का मामला चर्चा में

इनमें समराला के गांव मुश्काबाद निवासी 35 वर्षीय रणजीत सिंह का मामला खास चर्चा में है। 2014 में स्टडी वीजा पर ऑस्ट्रेलिया गया था, 2022 में शादी के बाद फिर विदेश लौटा, उस पर ड्रग्स (हेरोइन, मेथाम्फेटामाइन), चोरी और बेल उल्लंघन जैसे आरोप लगे।

खन्ना पुलिस की टीम उसे देर रात सुरक्षित घर लेकर पहुंची।

पिता का दर्द: “16 लाख खर्च किए, बेटा गलत नहीं”

रणजीत के पिता जसबीर सिंह ने भावुक होकर बताया:👉 “हमने करीब ₹16 लाख खर्च कर बेटे को विदेश भेजा था ताकि उसका भविष्य बने।”

👉 “मेरा बेटा गलत नहीं है, सिर्फ वीजा की समस्या के कारण यह स्थिति बनी।”परिवार के अन्य सदस्यों ने इस मामले पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।

टूटी उम्मीदें, बड़ा सबक

यह घटना उन परिवारों के लिए बड़ा सबक है जो बेहतर भविष्य की उम्मीद में अपने बच्चों को विदेश भेजते हैं। नियमों की अनदेखी और कानूनी मामलों में फंसना, सपनों को एक झटके में तोड़ सकता है।

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