1 अप्रैल 2026 से बदलेगा आपकी जेब का हिसाब-किताब! नया आयकर कानून, GST 2.0 और महंगाई—जानिए क्या होगा सस्ता, क्या पड़ेगा महंगा!
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पंजाब हॉटमेल, जालंधर (मनमोहन सिंह)। 1 अप्रैल 2026 से देश की आर्थिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। छह दशक पुराने आयकर कानून की जगह अब ‘आयकर अधिनियम, 2025’ लागू होगा।
साथ ही ‘GST 2.0’ के नए प्रावधान भी अमल में आएंगे। इन फैसलों का सीधा असर आपकी सैलरी, बचत, निवेश और रोजमर्रा के खर्चों पर पड़ेगा।
31 मार्च 2026 से पहले निपटाएं ये जरूरी काम
वित्तीय नुकसान और पेनल्टी से बचने के लिए इन चार कामों को समय पर पूरा करें:
टैक्स सेविंग निवेश: धारा 80C और 80D के तहत पीपीएफ, ईएलएसएस, जीवन बीमा में निवेश 31 मार्च से पहले करें।
खाते सक्रिय रखें: पीपीएफ, एनपीएस और सुकन्या समृद्धि में न्यूनतम राशि जमा करना जरूरी।
अपडेटेड रिटर्न: FY 2020-21 के लिए अपडेटेड रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 मार्च।
एनआरआई अलर्ट: विदेशी कर क्रेडिट के लिए ‘फॉर्म 67’ समय पर भरना अनिवार्य।
आयकर अधिनियम 2025: क्या बदलेगा?
12 लाख तक आय टैक्स फ्री: नई टैक्स व्यवस्था में 12 लाख रुपये तक की शुद्ध वार्षिक आय पर कोई टैक्स नहीं।₹75,000 स्टैंडर्ड डिडक्शन जारी।‘असेसमेंट ईयर’ और ‘प्रीवियस ईयर’ की जगह अब सिर्फ ‘टैक्स ईयर’।
बच्चों की शिक्षा और हॉस्टल भत्ता में बड़ी बढ़ोतरी। सेकेंडरी मार्केट से खरीदे गए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर मैच्योरिटी पर टैक्स।
फ्यूचर्स-ऑप्शंस पर STT बढ़ा, शेयर बायबैक पर टैक्स। ओवरसीज टूर पैकेज पर TCS घटाकर 2%।
GST 2.0: क्या सस्ता, क्या महंगा?
सस्ता:स्वास्थ्य व जीवन बीमा33 जीवन रक्षक दवाएंअनपैक्ड डेयरी उत्पादछोटे कार, एसी और टीवी (28% से 18%)महंगा:तंबाकू और ऑनलाइन गेमिंगलग्जरी वाहन और बड़ी SUV (40% GST)।
महंगाई का असर: गैस, दवाएं और कारें महंगी
एलपीजी सिलेंडर: घरेलू गैस ₹913 तक पहुंची, कमर्शियल सिलेंडर भी महंगा।दवाएं: 900 से ज्यादा जरूरी दवाओं के दाम में 1.74% तक बढ़ोतरी।कारें: BS-7 मानकों और लागत बढ़ने से कीमतों में इजाफा।
बैंकिंग, बीमा और पेंशन में बदलाव
यूपीआई आधारित एटीएम निकासी भी मुफ्त लिमिट में शामिल।
नए पैन कार्ड के लिए आधार के साथ जन्म प्रमाण/10वीं सर्टिफिकेट जरूरी।
डिजिटल पेमेंट में 2FA (बायोमेट्रिक) अनिवार्य।
एनपीएस में 80% तक एकमुश्त निकासी की सुविधा।
हेल्थ इंश्योरेंस में 5 साल बाद क्लेम रिजेक्ट नहीं होगा।
यात्रा नियम भी बदले
फास्टैग एनुअल पास महंगा।
ट्रेन प्रस्थान से 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल पर रिफंड नहीं।
क्या मतलब है इन बदलावों का?
सरकार डिजिटल और पारदर्शी वित्तीय ढांचे की ओर बढ़ रही है। जहां 12 लाख तक टैक्स छूट से मिडिल क्लास को राहत मिलेगी, वहीं गैस, दवाएं और कारों की बढ़ती कीमतें घरेलू बजट पर दबाव डालेंगी। ऐसे में समझदारी भरा वित्तीय नियोजन ही सबसे बड़ा सहारा होगा।
