जालंधर में होटल मेरिटन विवाद ने पकड़ा तूल: पांच पार्टनरों पर 295-ए के तहत FIR, आरोपी फरार
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पंजाब हॉटमेल, जालंधर (मनमोहन सिंह)। शहर के चर्चित Hotel Meriton से जुड़ा साझेदारी विवाद अब कानूनी और धार्मिक दोनों दृष्टियों से गंभीर मोड़ ले चुका है। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 295-ए के तहत होटल के पांच पार्टनरों—यशपाल दूआ, गुलशन दूआ, उमेश दूआ, शिवी दूआ सहित एक अन्य व्यक्ति—के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, साझेदारी को लेकर चल रहे विवाद के दौरान धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच की जा रही है और सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। मामला दर्ज होने के बाद आरोपी पक्ष के फरार होने की खबर सामने आई है।
जानकारी के मुताबिक यशपाल दूआ ने सुबह 10 बजे प्रेस वार्ता बुलाने की घोषणा की थी, लेकिन FIR दर्ज होने की सूचना मिलते ही उसे रद्द कर दिया गया।दूसरी ओर, शिकायतकर्ता डॉ. परमजीत मरवाहा ने शुक्रवार देर शाम प्रेस वार्ता कर अपना पक्ष सार्वजनिक किया।
उन्होंने बताया कि होटल के कुल छह मालिक हैं। उनके पास 36 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि एक अन्य साझेदार के पास 15 प्रतिशत हिस्सा है। इस प्रकार 51 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ वे होटल के प्रबंध निदेशक (एमडी) के रूप में कार्यभार संभाल रहे हैं।
डॉ. मरवाहा का आरोप है कि 5 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाले पार्टनर द्वारा अपनी शर्तें थोपने का प्रयास किया गया। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो विवाद बढ़ गया और कथित रूप से मारपीट की गई।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घटना के दौरान उनके बेटे के साथ दुर्व्यवहार किया गया, उनकी पगड़ी उतारी गई और धर्म को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं।
बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले की जानकारी अकाल तख्त साहिब तथा विभिन्न सिख संगठनों को भी दी गई है, जिससे मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है।
फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच में जुटी है। शहर के व्यापारिक और सामाजिक हलकों में इस घटना को लेकर चर्चा तेज है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
