राम मंदिर चढ़ावा गबन मामला: 8 के खिलाफ FIR, करोड़ों की हेराफेरी का आरोप; चंपत राय समेत किसी ट्रस्टी का नाम नहीं!
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Punjab Hotmail, अयोध्या/लखनऊ। अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और गबन मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत के आधार पर गुरुवार को पहली एफआईआर दर्ज की गई।

मामले में आठ लोगों को नामजद किया गया है, जबकि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय या किसी अन्य ट्रस्टी का नाम एफआईआर में शामिल नहीं है।
एफआईआर ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर दर्ज हुई है। इसमें रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू, लवकुश मिश्र, अनुकल्प मिश्र, मनीष यादव, अविनाश शुक्ल, करुणेश पांडेय, सुभाष श्रीवास्तव और रमाशंकर मिश्र को आरोपी बनाया गया है।
इनमें अधिकांश लोग मंदिर के चढ़ावे की गिनती, दानपात्रों की निगरानी और नकदी प्रबंधन से जुड़े रहे हैं।
पूर्व ड्राइवर समेत कई कर्मचारी जांच के घेरे में
पुलिस के अनुसार रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू, जो ट्रस्ट महासचिव चंपत राय का पूर्व ड्राइवर रह चुका है, पर दानपात्रों से करोड़ों रुपये के गबन और अवैध संपत्ति बनाने का आरोप है।
वहीं लवकुश मिश्र के घर से 12 लाख रुपये नकद बरामद होने का दावा किया गया है। अनुकल्प मिश्र पर नकदी गिनती के दौरान रुपये निकालकर बाथरूम में छिपाने का आरोप है, जबकि मनीष यादव के पास से 36 लाख रुपये बरामद होने की बात सामने आई है।
दान प्रबंधन से जुड़े कर्मचारियों पर गंभीर आरोप
जांच में करुणेश पांडेय और अविनाश शुक्ल पर चढ़ावे में हेराफेरी कर संपत्ति बनाने के आरोप लगाए गए हैं।
वहीं कैश काउंटिंग स्टाफ के प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव पर निगरानी में लापरवाही और रमाशंकर मिश्र पर दान व्यवस्था के दौरान वित्तीय गड़बड़ी करने के आरोप दर्ज किए गए हैं।
6 हिरासत में, गिरफ्तारी की तैयारी
पुलिस ने मामले में छह आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां चढ़ावे की राशि में कथित गबन, संपत्तियों और पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं।
पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। फिलहाल एफआईआर में ट्रस्ट के किसी भी ट्रस्टी या महासचिव चंपत राय का नाम शामिल नहीं है।
