बारिश में टैंट उतरवाने की जिद पड़ी भारी? जालंधर वेस्ट में नाबालिग बच्चे की करंट लगने से मौत, इंसाफ के लिए पुलिस को शिकायत!
परिवार का आरोप- पार्षद के कहने पर बारिश के बीच टैंट उतारने छत पर गया था नाबालिग; हाईवोल्टेज तारों की चपेट में आया
Punjab Hotmail Bureau, जालंधर। जालंधर वेस्ट के बस्ती दानिशमंदा इलाके में रविवार शाम तेज बारिश के दौरान एक दर्दनाक हादसे में 16 वर्षीय हरीश की करंट लगने से मौत हो गई। मृतक के परिवार ने स्थानीय पार्षद एवं डॉक्टर मुनीश पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

परिवार का कहना है कि पार्षद के क्लीनिक में मेडिकल कैंप के लिए दुकान की छत पर टैंट लगाया गया था। शाम को तेज बारिश शुरू होने के बाद टैंट उतरवाने को लेकर कथित तौर पर जल्दबाजी की गई।
परिवार के मुताबिक, टैंट लगाने वाले व्यक्ति ने बारिश रुकने के बाद या अगले दिन टैंट उतारने की बात कही थी, लेकिन आरोप है कि पार्षद मुनीश ने उसी समय टैंट उतरवाने पर जोर दिया। इसके बाद टैंट वाला अपने 16 वर्षीय बेटे हरीश के साथ छत पर टैंट उतारने पहुंचा।
छत से गुजर रही हाईवोल्टेज तारों की चपेट में आया बच्चा
परिवार का आरोप है कि दुकान की छत के ऊपर से बिजली की तारें गुजर रही थीं। टैंट उतारते समय हरीश कथित तौर पर इन तारों की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से झुलस गया। हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
परिवार का सवाल है कि यदि छत के ऊपर से बिजली की तारें गुजर रही थीं और इसकी जानकारी संबंधित लोगों को थी, तो बारिश और बिजली के बीच
नाबालिग को छत पर भेजने से पहले सुरक्षा का ध्यान क्यों नहीं रखा गया?
परिवार का आरोप- पुलिस ने कार्रवाई की बजाय घर में छोड़ दी बच्चे की लाशहादसे के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मृतक के परिवार का आरोप है कि पुलिस बच्चे के शव को घर पर छोड़कर वापस चली गई और तत्काल कोई कार्रवाई नहीं की गई।
परिवार का कहना है कि उन्होंने कार्रवाई की मांग की, लेकिन उस समय उनकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। देर रात मृतक की मां ने पुलिस को शिकायत देकर मामले में कार्रवाई की मांग की।
परिवार का यह भी आरोप है कि पुलिस की ओर से तत्काल पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई।
शिकायत के बाद मामला गरमाया, शीतल अंगुराल के संज्ञान में पहुंचा मामला
थाने में शिकायत दिए जाने के बाद मामला तूल पकड़ने लगा है। पूर्व विधायक शीतल अंगुराल के संज्ञान में मामला आने के बाद मृतक के परिजन कार्रवाई की मांग पर अड़ गए हैं।
परिवार की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए, हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका तय की जाए और यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हादसे की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी। पार्षद मुनीश की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है।
बातचीत में पार्षद डॉक्टर मुनीष ने बताया कि उन्होंने क्लीनिक में मेडिकल कैंप लगाया था जो 3:30 बजे करीब खत्म हो गया था। 4:00 बजे बारिश आने के बाद सब कुछ गीला हो गया था। उनके क्लीनिक के ऊपर से हाई टेंशन तारे गुजरती हैं जिससे पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। कल रात को 8:00 के करीब टेंट का काम करने वाला लड़का जिसे लोग नाबालिक बता रहे हैं वह 18 साल से ऊपर का है और पर्दा निकालने के लिए आया था। आसपास के लोगों और जिस घर से वह क्लीनिक के ऊपर जा रहा था वहां महिलाओं ने भी मना किया लेकिन वह नहीं माना और पर्दा निकलते समय उसे शायद करंट लग गया। जैसे ही उनके लड़कों ने उन्हें बताया तो तुरंत गाड़ी लेकर पहुंचे और प्राथमिक उपचार के बाद उसे तुरंत निजी अस्पताल में भर्ती करवाया जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। लड़के की मां की ओर से लगाए गए आरोप निराधार है और आसपास के लोग इस बात की गवाही दे रहे हैं कि जब हादसा हुआ उसके बाद वह क्लीनिक पहुंचा और युवक को अस्पताल पहुंचाया। लड़के की मां किसी की बहकावे में आकर गलत आरोप लगा रही है जबकि वह खुद 12 साल पहले उसे छोड़कर दूसरे व्यक्ति के साथ शादी रचा कर रह रही थी और युवक अपने दादा के साथ रहकर टेंट का काम कर रहा था। उन्हें युवक की मौत का अफसोस है पर अनहोनी हुई उसमें उनका क्या कसूर।
