पंजाब में ‘लाल लकीर’ के मकानों को मिलेगा मालिकाना हक, दशकों पुराना इंतजार खत्म करने का ऐलान
सीएम भगवंत मान बोले—हर संपत्ति को मिलेगा प्रॉपर्टी कार्ड, ड्रोन मैपिंग और क्यूआर कोड से दर्ज होगा रिकॉर्ड
पंजाब हॉटमेल ब्यूरो, धूरी। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘लाल लकीर’ यानी आबादी क्षेत्र में बने मकानों के मालिकों को मालिकाना हक देने की प्रक्रिया को लेकर बड़ा ऐलान किया है।

सरकार के अनुसार ‘मेरा घर, मेरा मान’ योजना के तहत ऐसे परिवारों को प्रॉपर्टी कार्ड दिए जा रहे हैं, जिससे उनके घर की पहचान और स्वामित्व का आधिकारिक रिकॉर्ड तैयार होगा। 7 अक्तूबर को पंजाब के 149 गांवों के करीब 16,000 संपत्ति मालिकों को कार्ड सौंपे जाने की जानकारी भी सामने आई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘लाल लकीर’ के भीतर रहने वाले लोगों को लंबे समय से स्पष्ट स्वामित्व दस्तावेजों की कमी के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ता रहा है।

प्रॉपर्टी कार्ड के जरिए घर की सीमाओं और स्वामित्व का रिकॉर्ड स्पष्ट होगा, जिससे पारिवारिक एवं संपत्ति संबंधी विवादों को कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि संपत्तियों की निशानदेही और मैपिंग के लिए ड्रोन सर्वेक्षण और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।
प्रॉपर्टी कार्ड में दर्ज होगी संपत्ति की पूरी जानकारी
योजना के तहत संपत्तियों को यूनिट नंबर, जीपीएस लोकेशन, क्षेत्रफल, नक्शे और क्यूआर कोड जैसी जानकारियों से जोड़ा जाएगा। उपलब्ध विवरण के अनुसार कार्ड संपत्ति के अधिकारों की पहचान और दस्तावेजी प्रमाण उपलब्ध कराने में मदद करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध होने से योग्य लाभार्थियों को अपने घर के स्वामित्व की दस्तावेजी मान्यता और अधिक स्पष्टता मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रॉपर्टी रिकॉर्ड होने से बैंक ऋण लेने की प्रक्रिया आसान हो सकती है, हालांकि ऋण की मंजूरी संबंधित बैंक के नियमों और पात्रता पर निर्भर करेगी।
पहले चरण में 2,295 गांव, दिसंबर तक पूरे पंजाब को कवर करने का लक्ष्य
सीएम मान के अनुसार पहले चरण में पंजाब के 2,295 गांवों, जिनमें संगरूर जिले के 221 गांव शामिल हैं, में प्रॉपर्टी कार्ड वितरित करने का प्रस्ताव है। दूसरे चरण में 1,668 गांवों को शामिल किया जाएगा, जबकि तीसरा चरण नवंबर और चौथा दिसंबर में शुरू किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य इस वर्ष के अंत तक पूरे पंजाब को योजना के दायरे में लाना है।
मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों से अपील की कि वे प्रॉपर्टी कार्ड पर दर्ज नाम, घर का विवरण और अन्य जानकारी ध्यानपूर्वक जांचें तथा किसी भी गलती या अस्पष्टता की स्थिति में संबंधित अधिकारियों को सूचित करें। उन्होंने सर्वेक्षण, रिकॉर्ड सत्यापन और कार्ड वितरण के दौरान संबंधित टीमों का सहयोग करने की अपील भी की।
