नशा तस्करों पर सख्ती के लिए पुलिस को खुली छूट, CM भगवंत मान का बड़ा ऐलान; युद्ध नशे विरुद्ध अभियान के तहत प्रशासनिक-पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक!
फिल्लौर में ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान की समीक्षा, DSPs को मिलेंगे 117 नए वाहन; मानसा के परमिंदर झोटा हत्याकांड के दोषियों और साजिशकर्ताओं को सजा दिलाने का संकल्प
मनमोहन सिंह, पंजाब हॉटमेल ब्यूरो (जालंधर/फिल्लौर)। पंजाब में नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करना राज्य सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है और इस अभियान में किसी भी तरह का राजनीतिक हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शुक्रवार को पंजाब पुलिस अकादमी, फिल्लौर में ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान की समीक्षा बैठक के दौरान यह बात कही।
उन्होंने पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करने में उन्हें पूरी स्वतंत्रता है और सरकार की ओर से किसी प्रकार का दबाव या सिफारिश नहीं की जाएगी।
अभियान को और मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने पुलिस उपाधीक्षकों (DSPs) को 117 नए वाहन उपलब्ध करवाने की घोषणा भी की।
नशा तस्करों के नेटवर्क पर होगा प्रहार, पुलिस को सख्त कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की युवा पीढ़ी को नशे से बचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। नशा तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस को बिना किसी भय, पक्षपात या राजनीतिक दबाव के काम करना चाहिए।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि कानून के दायरे में रहकर ईमानदारी और पेशेवर तरीके से काम करने वाले पुलिस अधिकारियों के साथ सरकार मजबूती से खड़ी रहेगी।
उन्होंने कहा कि नशे की समस्या का स्थायी समाधान केवल पुलिस कार्रवाई से संभव नहीं है। इसके लिए परिवारों, गांवों, मोहल्लों और समाज के हर जिम्मेदार व्यक्ति को आगे आना होगा।
मुख्यमंत्री ने आम लोगों से अपील की कि वे नशा तस्करी से जुड़ी विश्वसनीय जानकारी पुलिस और प्रशासन के साथ साझा करें तथा इस अभियान को जन आंदोलन बनाने में सहयोग दें।

नशे के आदी लोगों का इलाज, तस्करों पर होगी सख्ती
भगवंत मान ने कहा कि सरकार नशे की आपूर्ति और मांग, दोनों पर एक साथ प्रहार करने की रणनीति अपना रही है। नशे की लत से जूझ रहे लोगों को केवल अपराधी मानने के बजाय उन्हें इलाज, देखभाल और पुनर्वास के अवसर उपलब्ध करवाए जाने चाहिए।

वहीं, नशीले पदार्थों का निर्माण करने, उनकी तस्करी करने और युवाओं की जिंदगी बर्बाद करके मुनाफा कमाने वालों के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशामुक्त पंजाब का लक्ष्य तभी हासिल होगा, जब नशे की सप्लाई रोकने के साथ-साथ युवाओं को इसके दुष्प्रभावों से बचाने और उन्हें सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
केंद्र सरकार पर निशाना, पंजाब को बदनाम करने का लगाया आरोप

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा सहित दूसरे राज्यों में भी नशे का कारोबार हो रहा है, लेकिन पंजाब और पंजाबियों को ही बदनाम किया जाता है।
उन्होंने सवाल उठाया कि पंजाब को निशाना बनाने के बजाय अंतरराष्ट्रीय सीमा और गुजरात के रास्ते होने वाली नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए ठोस कदम क्यों नहीं उठाए जाते।
मान ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे क्षेत्रों में सीमा सुरक्षा बल की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पंजाब की नहीं, बल्कि पूरे देश की लड़ाई है। इसके लिए केंद्र सरकार और सभी राज्यों को मिलकर काम करना चाहिए।
परमिंदर झोटा हत्याकांड: दोषियों और साजिशकर्ताओं को सजा दिलाने का संकल्प
मानसा में सामाजिक कार्यकर्ता परमिंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए सरकार गंभीरता से काम करेगी।

मामले के हर पहलू की गहन जांच की जाएगी और यदि जांच में किसी साजिश की पुष्टि होती है, तो उसे भी उजागर किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी दोषी को बचने नहीं दिया जाएगा और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज की भलाई के लिए काम करने वाले लोगों का हौसला ऐसी घटनाओं से कमजोर नहीं पड़ना चाहिए। नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा और समाज में नशामुक्त वातावरण तैयार करना बेहद जरूरी है।
युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए खेलों को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के हाथों में नशे की जगह खेलों का सामान, गले में पदक और दिल में अपने प्रदेश के लिए गर्व होना चाहिए। सरकार गांवों और शहरों में खेल सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है, ताकि युवा अपनी ऊर्जा सकारात्मक गतिविधियों में लगा सकें।
उन्होंने ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ का जिक्र करते हुए कहा कि इस पहल में बच्चे, युवा और बुजुर्ग तीन पीढ़ियां एक साथ भाग ले रही हैं। इससे खेल संस्कृति, अनुशासन, आपसी सहयोग और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने लोगों से 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक आयोजित होने वाली पुरुष एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में बढ़-चढ़कर भाग लेने और खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने की अपील भी की।
उन्होंने कहा कि पंजाब की पहचान हॉकी सहित विभिन्न खेलों में शानदार उपलब्धियों से रही है और सरकार राज्य को फिर से खेलों में अग्रणी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
शिक्षा, रोजगार और नशामुक्त वातावरण से सुरक्षित होगा पंजाब का भविष्य
भगवंत मान ने शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार के अवसर, बेहतर खेल सुविधाएं और नशामुक्त वातावरण मिलकर ही युवाओं का भविष्य सुरक्षित बना सकते हैं।
उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों से मतभेदों से ऊपर उठकर इस साझा उद्देश्य के लिए एकजुट होने की अपील की।
बैठक में कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, हरपाल सिंह चीमा, डॉ. बलबीर सिंह, तरुनप्रीत सिंह सौंद, पंजाब पुलिस के महानिदेशक गौरव यादव सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान किसी व्यक्ति, राजनीतिक दल या सरकार से बड़ा है। इसका मुख्य उद्देश्य पंजाब के बच्चों और युवाओं को नशे से बचाना, परिवारों को सुरक्षित रखना और राज्य के भविष्य को मजबूत बनाना है।
